मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। अबतक 46 हजार 454 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें जबलपुर संभाग में 21 हजार 333, नर्मदापुरम में 5 हजार 167, भोपाल में 2 हजार 272, रीवा में 10 हजार 939, शहडोल में 4 हजार 552 और सागर संभाग में 2 हजार 166 किसानों ने पंजीयन कराया है
जिन किसानों ने अबतक पंजीयन नहीं कराया है वे निर्धारित समय तक काम पूरा कर लें। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।
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कैसे कराए पंजीयन
- नि:शुल्क व्यवस्था: ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर उपलब्ध है। सहकारी समितियों व सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र से भी कर सकते हैं।
- सशुल्क व्यवस्था: एमपी ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ व किसान के आधार कार्ड व अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार व वन पट्टाधारी किसान सहकारी समिति व सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर जा सकते हैं। इस श्रेणी के किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
उपार्जित फसल का भुगतान किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में होगा
किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान भी किया जा सकेगा। इसके लिए किसान को पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी देनी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी
सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकी किसान अपना मोबाईल नंबर व बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है।
आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही एक रुपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।
आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य
- पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।
- वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा।
- किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
- भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा।
- सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।