देहरादून। दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तरकाशी और बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में फंसे 179 ट्रैकर्स और माउंटेनियर्स के रेस्क्यू की जानकारी ली। उत्तरकाशी में 40 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि बाकी लोगों के लिए सुबह 6 बजे से फिर अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान 179 ट्रैकर्स और माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी और 43 बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में थे।
उत्तरकाशी से 40 का रेस्क्यू, 40 ने यात्रा जारी रखने की बात कही
उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें ऑडिन कोल बेस से 29 और कालिंदी पास बेस से 11 लोग शामिल हैं। वहीं 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई है। बाकी लोगों को निकालने के लिए सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू किया जाएगा।

8 हेलीकॉप्टर लगाए, हेली एंबुलेंस भी तैयार
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आठ हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। किसी ट्रैकर या माउंटेनियर को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ने पर हेली एंबुलेंस भी तैयार रखी गई है। CM धामी ने अधिकारियों से मौसम और अलग-अलग जगहों पर फंसे लोगों की स्थिति भी जानी। उन्होंने कहा कि ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स और उनके साथ मौजूद पोर्टर्स को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तुरंत भेजे जाएं।
उत्तरकाशी DM से भी की बात
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से CM धामी ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने मौके के हालात और आगे चलने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सुबह 6 बजे से अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। धामी ने पुलिस, प्रशासन, SDRF और रेस्क्यू से जुड़ी दूसरी टीमों को मौसम पर नजर रखने और जरूरत पड़ते ही कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।
चारधाम में कचरे के स्थायी समाधान का प्लान बनेगा
रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ CM धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं ठीक रखने के निर्देश दिए।
धामी ने चारधाम और दूसरे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर कचरे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लंबे समय का प्लान बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि योजना में आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली यात्रा और पर्यटकों की संख्या को भी ध्यान में रखा जाए।
बैठक में आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






