दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। कांग्रेस पार्टी ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को प्रदेश संगठन के सभी विभागों और प्रकोष्ठों की प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
इस फैसले के साथ ही कांग्रेस में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आज इंदिरा भवन, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेशनल वॉर रूम के चेयरमैन शशिकांत सेंथिल, संगठन सृजन अभियान के प्रभारी वंशीचंद रेड्डी ने विस्तृत संगठनात्मक समीक्षा बैठक की।
सूत्रों की मानें तो आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कांग्रेस का फोकस आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले राज्य और जिला स्तर पर बूथ प्रबंधन व संगठनात्मक कसावट लाना है। अब जल्द ही कांग्रेस संगठन में नए पदाधिकारियों की चरणबद्ध नियुक्ति तरीके से की जाएगी, जिसमें नए और युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
क्या लिखा है एमपी कांग्रेस के आदेश में
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों एवं संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया के अंतर्गत यह मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत गठित सभी विभागों, प्रकोष्ठों एवं उनकी समस्त स्तर की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया है। आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई है।






