इंदौर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार सुबह ईओडब्ल्यू की टीम ने एमवाय अस्पताल में फार्मासिस्ट रहे राकेश गोरखे के स्कीम नंबर-140 स्थित घर पर छापा मारकर कई अहम दस्तावेजों की जांच शुरू की।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि राकेश गोरखे और उनके करीबियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों का पैसा कहां से आया और क्या उनकी घोषित आय इन निवेशों से मेल खाती है।
ईओडब्ल्यू की टीम सुबह पहुंची घर
बुधवार सुबह ईओडब्ल्यू की टीम स्कीम नंबर-140 स्थित राकेश गोरखे के घर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जांच शुरू की। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की बारीकी से जांच की। कार्रवाई कई घंटों तक चली और टीम महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने साथ लेकर गई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार राकेश गोरखे के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने प्रारंभिक जांच की थी। शुरुआती तथ्यों में कुछ वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद छापे की कार्रवाई की गई। अब एजेंसी हर दस्तावेज का मिलान कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटी हुई है।
आय से अधिक संपत्ति पर फोकस
जांच का सबसे बड़ा हिस्सा आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर केंद्रित है। ईओडब्ल्यू यह पता लगा रही है कि राकेश गोरखे की घोषित आय कितनी थी और उसके मुकाबले उनके पास मौजूद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य कितना है। इसी आधार पर आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी।
कई कॉलोनियों की संपत्तियां भी रडार पर
जांच केवल एक मकान तक सीमित नहीं है। ईओडब्ल्यू को शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि शहर की कई प्रमुख कॉलोनियों में राकेश गोरखे और उनके करीबियों के नाम पर संपत्तियां मौजूद हैं। अब इन सभी संपत्तियों के दस्तावेज और भुगतान के स्रोत की जांच की जा रही है।
बेनामी निवेश की भी हो रही पड़ताल
ईओडब्ल्यू यह भी जांच रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर निवेश या संपत्ति तो नहीं खरीदी गई। यदि ऐसे लेनदेन सामने आते हैं तो संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी बैंक रिकॉर्ड और रजिस्ट्री दस्तावेजों का मिलान कर रही है।






