Hindi News

शुक्रवार को बसंत पंचमी: दिग्विजय सिंह ने की धार भोजशाला में शासन-प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग, कहा ‘ASI आदेशों का सख्ती से पालन हो’

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व दोनों समुदायों के लिए खुशियां लेकर आए, इसके लिए जरूरी है कि तय व्यवस्था के अनुसार पूजा और जुमे की नमाज़ संपन्न हो और किसी भी तरह की अफ़वाह या उन्माद को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने दोनों पक्षों से भी सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है
शुक्रवार को बसंत पंचमी: दिग्विजय सिंह ने की धार भोजशाला में शासन-प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग, कहा ‘ASI आदेशों का सख्ती से पालन हो’

Digvijaya Singh

इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। इसे लेकर धार में प्रशासन अतिरिक्त सतर्क है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी शासन प्रशासन से बसंत पंचमी के अवसर पर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के आदेशों के अनुपालन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार पर दोनों समुदायों को एएसआई के निर्देशानुसार पूजा और नमाज़ अदा करने के लिए समय दिया गया है और प्रशासन इसका पालन कराने के लिए हरसंभव कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि ‘इस स्थिति में सरकार व प्रशासन की ये ज़िम्मेदारी है ASI द्वारा पारित किए गए आदेश की पूर्ण पालन किया जाए और धार में अमन शांति का पैग़ाम दिए जाने की पूरी कोशिश करते हुए सांप्रदायिक उन्माद व अफ़वाह फैलाने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाए।’ इसी के साथ उन्होंने हिंदू और मुसलमान दोनों पक्षों से सौहार्द बनाये रखने की अपील की है।

दिग्विजय सिंह ने धार में बसंत पंचमी उत्सव को लेकर की मांग 

इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी को है। ये शुक्रवार का दिन है और इसे देखते हुए धार स्थिति भोजशाला में अलर्ट जारी किया गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहले भी 2006, 2013 और 2016 में इसी तरह बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग बन चुका है। उन्होंने ASI के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि जब भी बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ें, तो पूजा सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम साढ़े 3 बजे से सूर्यास्त तक की जानी चाहिए और दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक का समय जुमे की नमाज़ के लिए छोड़ा जाना चाहिए।

दोनों पक्षों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

कांग्रेस नेता ने प्रशासन और सरकार से कहा है कि एएसआई के आदेशों का पूर्ण पालन कराया जाए। इसे के साथ उन्होंने सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों और अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने हिंदू और मुस्लिम भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि ‘मध्यप्रदेश अमन का प्रतीक है और सरकार व प्रशासन की ये नैतिक ज़िम्मेदारी है कि इस अमन को कानूनी रूप से स्थापित किया जाए।’ बता दें कि धार भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है। इसे लेकर हिंदू और मुसलमान समुदाय में विवाद रहा है। मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में जानता है, जबकि हिंदू पक्ष इसे परमार शासक राजा भोज से जुड़ा सरस्वती मंदिर मानता है।