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इस बार गणतंत्र दिवस पर भोपाल में होगी परेड की खास झलक, तैयारियां पूरी

Written by:Bhawna Choubey
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गणतंत्र दिवस 2026 पर भोपाल का लाल परेड ग्राउंड इतिहास रचने जा रहा है। 23 प्लाटून और 1300 जवानों के साथ होने वाली यह परेड अब तक की सबसे लंबी होगी, जिसमें केंद्रीय बलों की मौजूदगी इसे और खास बनाएगी।
इस बार गणतंत्र दिवस पर भोपाल में होगी परेड की खास झलक, तैयारियां पूरी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस बार 26 जनवरी को सिर्फ गणतंत्र दिवस नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रही है। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह अपनी भव्यता, अनुशासन और लंबाई के कारण खास माना जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अब तक की सबसे बड़ी और सबसे लंबी परेड बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।

भोपाल गणतंत्र दिवस परेड 2026

भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर खास उत्साह देखा जा रहा है। इस बार परेड की लंबाई और उसमें शामिल होने वाले जवानों की संख्या, दोनों ही पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। कुल 23 प्लाटून इस परेड में हिस्सा लेंगी, जिनमें करीब 1300 जवान कदमताल करते नजर आएंगे।

इस परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) और होम गार्ड के जवानों के साथ-साथ NCC, स्काउट गाइड, NSS और महिला शौर्य दल की टीमें भी शामिल होंगी। इसके अलावा पुलिस कुत्तों का एक विशेष दस्ता भी परेड का हिस्सा रहेगा, जो आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

केंद्रीय बलों की मौजूदगी से बढ़ा समारोह का कद

इस बार भोपाल गणतंत्र दिवस परेड 2026 को खास बनाने में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद अहम है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ITBP, CRPF और CISF के जवान भोपाल की परेड में शामिल होंगे। इन तीनों केंद्रीय बलों की मौजूदगी परेड को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देती है।

राज्यपाल मंगूभाई पटेल रहेंगे मुख्य अतिथि

भोपाल में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके द्वारा परेड की सलामी ली जाएगी और राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। यह क्षण न केवल औपचारिक होगा, बल्कि प्रदेश के लिए गौरव का पल भी माना जाएगा। राज्यपाल की उपस्थिति इस आयोजन को संवैधानिक महत्व देती है। उनके संबोधन में देश की एकता, संविधान के मूल्यों और नागरिकों के कर्तव्यों पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।