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भोपाल हादसा, बिना रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस स्कूल बस दौड़ रही थी सड़कों पर, लापरवाह RTO निलंबित

Written by:Atul Saxena
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आपको बता दें इस बस हादसे में जिस 22 वर्षीय युवती की मृत्यु हुई है उसका नाम आयशा खान है, 14 जून 2025 को आएशा शादी होने वाली थी, घर में तैयारियां चल रहीं थी जो मातम में बदल गई ।
भोपाल हादसा, बिना रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस स्कूल बस दौड़ रही थी सड़कों पर, लापरवाह RTO निलंबित

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Bhopal RTO suspended: राजधानी भोपाल के बाणगंगा चौराहे पर कल 12 मई को जिस स्कूल बस ने सिग्नल पर खड़े वाहन चालकों को टक्कर मारी जिसमें एक युवती की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए जाँच में सामने आया कि वो बस बगैर रजिस्ट्रेशन, बगैर फिटनेस और बगैर बीमे के सड़क पर दौड़ रही थी, लापरवाही सामने आन एके बाद भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है।

भोपाल बस हादसे के बाद पुलिस थाना टीटी नगर में मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है उधर परिवहन विभाग ने भी विभाग के स्तर पर जब जाँच शुरू की तो भोपाल परिवहन कार्यालय की बड़ी लापरवाही निकलकर सामने आई, परिवहन विभाग के वाहन पोर्टल में उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार बस के संबंध में शुरूआती जानकारी में पाया गया कि बस की फिटनेश वैधता, पंजीकरण की वैधता एवं बीमा वैधता समाप्त हो चुकी थी।

6 महीने से बगैर रजिस्ट्रेशन, बगैर फिटनेस और बगैर बीमे के सड़क पर दौड़ रही थी बस 

विभाग ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा से स्कूल बस का रिकॉर्ड मांगा है, मालूम चला है कि 6 महीने पहले बस का रजिस्ट्रेशन, बीमा और फिटनेस समाप्त हो चुका यानि पिछले 6 महीने से ये बस स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रही थी और इसने कल 12 मई को एक युवती की जान ले ली और कई लोगों को घायल कर दिया जिनका इलाज जेपी अस्पताल में चल रहा है।

लापरवाही की सजा, भोपाल RTO निलंबित 

भोपाल संभाग आयुक्त ने परिवहन विभाग से जानकारी सामने पर प्रथम दृष्टया क्षेत्रीय परिवाहन अधिकारी भोपाल जितेंद्र शर्मा की इसमें बड़ी लापरवाही मानी है और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, निलंबन अवधि में उनको भोपाल संभाग आयुक्त कार्यालय में अटैच किया गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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