आजकल बहुत से लोग अपने घर में छोटे-छोटे पौधे और बेल लगाना पसंद करते हैं। इससे घर की सुंदरता बढ़ती है और वातावरण भी ताजा बना रहता है। खासकर गर्मियों के मौसम में पेड़-पौधे घर के आसपास का तापमान थोड़ा संतुलित रखने में भी मदद करते हैं। इसी वजह से लोग अपने घरों में फूलों के साथ-साथ पान की बेल भी लगाते हैं।
पान की बेल जब अच्छी तरह बढ़ती है और दीवार या सहारे पर ऊपर की ओर फैलती है तो घर की शोभा और भी बढ़ जाती है। लेकिन कई लोगों की शिकायत होती है कि पान की बेल ठीक से बढ़ नहीं रही या उसके पत्ते छोटे और कमजोर रह जाते हैं। ऐसे में एक आसान घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकता है, जो है चावल का पानी यानी मांड।
पान की बेल की ग्रोथ के लिए चावल का पानी क्यों फायदेमंद है
पान की बेल को स्वस्थ और घना बनाने के लिए मिट्टी में पोषण का होना बेहद जरूरी होता है। जब पौधों को सही पोषक तत्व नहीं मिलते तो उनकी ग्रोथ धीमी हो जाती है और पत्ते कमजोर दिखने लगते हैं।
चावल धोने या उबालने के बाद जो पानी बचता है उसे आमतौर पर लोग फेंक देते हैं, लेकिन यही पानी पौधों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। चावल के पानी में कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
इस पानी में स्टार्च, मिनरल और कुछ प्राकृतिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। जब इसे पौधे की जड़ों में डाला जाता है तो यह मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है और पौधे को अतिरिक्त पोषण देता है। इसी वजह से कई बागवानी विशेषज्ञ भी चावल के पानी को प्राकृतिक खाद की तरह इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
पान की बेल के लिए चावल का पानी कैसे करें इस्तेमाल
पान की बेल की बेहतर ग्रोथ के लिए चावल का पानी इस्तेमाल करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती। सबसे पहले चावल धोने या उबालने के बाद बचा हुआ पानी अलग कर लें। ध्यान रखें कि इस पानी में नमक, तेल या मसाले नहीं मिले होने चाहिए, क्योंकि इससे पौधे को नुकसान हो सकता है।
इसके बाद इस पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें। जब पानी ठंडा हो जाए तब इसे धीरे-धीरे पान की बेल की जड़ों में डालें। यह प्रक्रिया बहुत आसान है और इसे सप्ताह में एक या दो बार किया जा सकता है। नियमित रूप से ऐसा करने से पान की बेल की जड़ों को पोषण मिलेगा और पौधे की ग्रोथ तेज होने लगेगी।
पान की बेल को घना बनाने के लिए जरूरी देखभाल
पान की बेल को केवल पानी देने से ही उसकी ग्रोथ अच्छी नहीं होती। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि पौधे को पर्याप्त धूप मिल रही हो। पान की बेल को हल्की धूप और नमी वाला वातावरण पसंद होता है। इसके अलावा पौधे की मिट्टी समय-समय पर ढीली करते रहना चाहिए ताकि जड़ों तक हवा और पानी आसानी से पहुंच सके। पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी देना भी नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए पानी संतुलित मात्रा में ही दें। यदि पौधे के सूखे या कमजोर पत्ते दिखाई दें तो उन्हें हटा देना चाहिए, इससे नई पत्तियों की ग्रोथ बेहतर होती है।
घर में पौधे लगाने के फायदे
घर में पेड़-पौधे लगाने से केवल सुंदरता ही नहीं बढ़ती बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। पौधे घर के वातावरण को ताजा और शुद्ध बनाते हैं। वे हवा में मौजूद कई हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा पौधों की मौजूदगी से मानसिक तनाव भी कम होता है और मन को शांति मिलती है। इसी वजह से आजकल लोग अपने घरों की बालकनी, छत और आंगन में अलग-अलग प्रकार के पौधे लगाना पसंद करते हैं।






