महिला आरक्षण मुद्दे पर गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इस एकदिवसीय सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित कर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कई गंभीर आरोप लगाए। सीएम ने सदन में कांग्रेस और सपा की मानसिकता को महिला विरोधी बताया और कहा समाजवादी पार्टी गिरगिट की तरह रंग बदलती है। सीएम योगी के इस बयान के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भी बयान सामने आया है।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे आईने के सामने खड़े होकर बोलते हैं तो दूसरों का राज समझकर वे अपने ही राज उगल देते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि क्या हमें उनसे उन केस की लिस्ट वापस मंगवाकर पढ़वानी चाहिए जिन्हें मुख्यमंत्री ने खुद अपने खिलाफ वापस ले लिया था, या हम किसी और से उन्हें पढ़वाएंगे, सदन में या सड़क पर?
सीएम योगी की विपक्ष पर तीखी टिप्पणी
बता दें कि यूपी विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि आप लोगों के आचरण को देखकर गिरगिट भी सकुचा जाएगा कि सदन में आचरण कैसा और यहां आचरण कैसा? दिल्ली से लखनऊ पहुंचते-पहुंचते जब आधी आबादी के आक्रोश को झेलना पड़ रहा है तो यहां आप रंग बदल रहे हैं। फिर सदन में विरोध क्यों किया?
सदन के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और अन्य सामाजिक मुद्दों पर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री योगी का बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कथन और आचरण में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन के अंदर कुछ और रुख अपनाता है, जबकि बाहर उसका व्यवहार पूरी तरह अलग होता है। उन्होंने कहा, सदन में आपका आचरण कुछ और होता है और बाहर कुछ और। यह दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है।
सीएम योगी का समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने निशाना साधते हुए कहा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन हमेशा आधी आबादी के उत्थान, सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए उठाए गए किसी भी प्रगतिशील कदम का विरोध करते हैं। सीएम ने कहा, आप लोग खुद को समाजवादी कहते हैं लेकिन आप आधी आबादी की तरक्की और उनकी इज्जत की रक्षा के लिए कभी संवेदनशील नहीं लगते हैं।
जो मुक़दमें मुख्यमंत्री जी ने अपने ऊपर से वापिस लिए थे, उनकी लिस्ट याद करके वो ख़ुद पढ़ेंगे या हम किसी से पढ़वा दें : सदन में या सड़क पर।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 30, 2026





