उत्तर प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मई महीने के कोटे का राशन वितरण का अभियान 24 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है जो 8 मई 2026 तक चलेगा। इसके तहत अंत्योदय कार्डधारक को प्रति कार्ड कुल 35 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल है। वहीं पात्र गृहस्थी कार्डधारक को प्रति यूनिट (सदस्य) 5 किलो राशन दिया जा रहा है। इसमें 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल का वितरण हो रहा है।
यूपी शासन के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी उचित दर दुकानों पर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ध्यान रहे ई-पॉस मशीन से निकलने वाली वितरण पर्चियों पर गेहूं एवं चावल का मूल्य शून्य अंकित रहेगा, जिससे निःशुल्क वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक वितरण कार्य सुनिश्चित करें, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न प्राप्त हो सके। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू है। लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी जिले या उचित दर की दुकान से राशन ले सकते हैं।
इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं का फिंगरप्रिंट (आधार प्रमाणीकरण) तकनीकी कारणों से मैच नहीं होगा, उन्हें वितरण के अंतिम दिन यानी 8 मई को मोबाइल ओटीपी के जरिए राशन उपलब्ध कराया जाएगा। आसान शब्दों में कहें तो इस दिन आधार प्रमाणीकरण में असमर्थ उपभोक्ताओं को मोबाइल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। यदि खाद्यान्न प्राप्त करने में कोई समस्या आती है या कम राशन मिलता है, तो लाभार्थी उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक अथवा जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है।
ध्यान रहे मुफ्त राशन का लाभ केवल उन धारकों को मिलेगा जिन्होंने e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिन कार्डधारकों का केवाईसी लंबित है, वे इसे जल्द से जल्द पूरा करा लें। केवाईसी न होने की स्थिति में संबंधित यूनिट का नाम राशन कार्ड से काटा जा सकता है और कार्ड भी निलंबित हो सकता है। हालांकि निलंबित खाद्यान्न की स्थिति में e-KYC कराने के बाद अगले महीने से राशन मिलेगा। बता दें कि E-KYC यानी Know Your Customer कराने के पीछे वजह है राशन कार्ड धारकों की पहचान को वेरिफाई और फर्जी राशन कार्ड को खत्म करना है। eKYC प्रक्रिया के तहत प्रत्येक राशन कार्ड सदस्य को अपना नाम, जन्मतिथि आदि का मिलान अपने आधार डाटा के साथ करना है।






