पांच राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान कराने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India, ECI) की निगाहें अब 4 मई को होने वाली मतगणना यानि वोटों की गिनती पर है, इस समय मतगणना केंद्रोंपर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है यहाँ रखीं ईवीएम और वीवीपेट के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं लेकिन अब चुनाव आयोग ने मतदान सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी करने के उद्देश्य से एक प्रणाली विकसित की है जिससे मतदान केंद्रों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जायेगी
चुनाव आयोग ने आज गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि उसने मतगणना स्थल पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान प्रणाली शुरू की गई है, चुनाव आयोग ने कहा कि मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश की संभावना को समाप्त करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने ईसीआईएनईटी (ECINET) पर क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल शुरू किया है।
ECI ने सोशल मीडिया X पर इसकी जानकारी शेयर करते हुए लिखा- 4 मई, 2026 को होने वाली मतगणना से शुरू होकर, असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आम चुनावों और 5 राज्यों की 7 विधानसभाओं के उपचुनावों के लिए यह प्रणाली लागू की गई है इसे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी आने वाले आम और उपचुनावों तक विस्तारित किया जायेगा।
चुनाव आयोग ने बताया कि यह महत्वपूर्ण पहल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले एक वर्ष में की गई 30 से अधिक पहलों की श्रृंखला का हिस्सा है , जिसमें बीएलओ के लिए स्टैण्डर्ड क्यूआर कोड आधारित फोटो आईडी कार्ड की शुरुआत शामिल है।
मतदान केंद्रों पर त्रि स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
मतगणना केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए त्रि स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की गई है पहले और दूसरे स्तर पर, मतगणना अधिकारी द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल रूप से जाँच की जाएगी। मतगणना कक्ष के पास स्थित तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे में, क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
इनके लिए नहीं होंगे लागू क्यूआर कोड आधारित नए आईडी
क्यूआर कोड आधारित नए फोटो पहचान पत्र उन श्रेणियों के व्यक्तियों के लिए लागू होंगे जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा मतगणना केंद्रों और हॉलों में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें वापसी अधिकारी, सहायक वापसी अधिकारी, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट, आदि शामिल हैं।
मतगणना कक्षों के पास एक मीडिया केंद्र होगा
प्रत्येक मतगणना केंद्र में मतगणना कक्षों के पास एक मीडिया केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र अधिकृत मीडियाकर्मियों की सुविधा के लिए बनाया गया है। आयोग के मौजूदा निर्देशों के अनुसार ईसीआई द्वारा जारी प्राधिकरण पत्रों के आधार पर मीडियाकर्मियों के प्रवेश की अनुमति जारी रहेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारियों और मतगणना अधिकारियों को इस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया गया है,जिसमें निर्बाध और सुरक्षित पहुंच नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नामित चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती शामिल है।






