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भोपाल एयरपोर्ट का समर शेड्यूल जारी, दिल्ली-मुंबई तक ही सिमटी उड़ानें

Written by:Bhawna Choubey
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भोपाल से नए शहरों के लिए उड़ानों की उम्मीद फिर टूटी, समर शेड्यूल में नहीं जुड़ा कोई नया कनेक्शन कोलकाता, जयपुर और लखनऊ के लिए यात्रियों को फिर करना होगा इंतजार, बढ़ी परेशानी और लंबा सफर।
भोपाल एयरपोर्ट का समर शेड्यूल जारी, दिल्ली-मुंबई तक ही सिमटी उड़ानें

भोपाल के यात्रियों को हर बार नए समर शेड्यूल से उम्मीद रहती है कि इस बार कुछ नया मिलेगा नई फ्लाइट्स, नए शहरों से कनेक्टिविटी और सफर आसान होगा। लेकिन इस बार भी तस्वीर वैसी ही रही। 29 मार्च से लागू हुए समर शेड्यूल में भोपाल से किसी भी नए शहर के लिए उड़ान नहीं जोड़ी गई है।

लोगों को खास तौर पर कोलकाता, जयपुर और लखनऊ जैसी प्रमुख जगहों के लिए फ्लाइट शुरू होने का इंतजार था, लेकिन यह उम्मीद इस बार भी अधूरी रह गई। एयरलाइंस कंपनियों का फोकस एक बार फिर दिल्ली और मुंबई तक ही सीमित दिखाई दे रहा है।

भोपाल एयरपोर्ट समर शेड्यूल 2026

भोपाल एयरपोर्ट के नए समर शेड्यूल में सबसे बड़ी बात यही है कि इसमें कोई नया शहर नहीं जोड़ा गया है। दिल्ली और मुंबई के लिए पहले की तरह ही सबसे ज्यादा उड़ानें उपलब्ध रहेंगी।

भोपाल से पुणे के लिए भी सिर्फ एक ही फ्लाइट है, जो देर रात संचालित होती है। यात्रियों को उम्मीद थी कि पुणे के लिए दिन में भी फ्लाइट शुरू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसका मतलब साफ है कि भोपाल एयरपोर्ट समर शेड्यूल 2026 में यात्रियों को कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। जो सुविधाएं पहले थीं, वही अब भी जारी रहेंगी।

क्यों नहीं मिल पाई फ्लाइट

भोपाल से कोलकाता, जयपुर और लखनऊ के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। खासकर कोलकाता के लिए, क्योंकि वहां तक ट्रेन से सफर काफी लंबा और थकाने वाला होता है।

व्यापार और नौकरी के कारण बड़ी संख्या में लोग कोलकाता आते-जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद इस बार भी किसी एयरलाइन ने इस रूट पर स्लॉट नहीं लिया। जयपुर की बात करें तो पिछली बार समर शेड्यूल में फ्लाइट शुरू हुई थी, लेकिन विंटर सीजन में इंडिगो ने इसे बंद कर दिया। इस बार भी जयपुर के लिए कोई फ्लाइट शामिल नहीं की गई है। लखनऊ के लिए भी पहले दो बार उड़ान शुरू होकर बंद हो चुकी है। इससे साफ है कि इन रूट्स पर स्थिर सेवा अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

यात्रियों की बढ़ती परेशानी

भोपाल एयरपोर्ट समर शेड्यूल 2026 में नई फ्लाइट्स नहीं जुड़ने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। जो लोग इन शहरों में जाना चाहते हैं, उन्हें या तो ट्रेन का लंबा सफर करना पड़ता है या फिर दूसरे शहरों के जरिए फ्लाइट लेनी पड़ती है।

खासतौर पर स्टूडेंट्स और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए यह बड़ी समस्या है, जो पुणे, कोलकाता और लखनऊ जैसे शहरों में काम या पढ़ाई के लिए जाते हैं। दिन में सीधी फ्लाइट नहीं होने से यात्रियों को रात के समय सफर करना पड़ता है, जो हर किसी के लिए सुविधाजनक नहीं होता।

एयरलाइंस का फोकस सिर्फ दिल्ली और मुंबई क्यों

भोपाल से सबसे ज्यादा उड़ानें दिल्ली और मुंबई के लिए हैं। इसकी वजह यह है कि इन दोनों शहरों से देश के बाकी हिस्सों के लिए कनेक्टिविटी मिल जाती है।
एयरलाइंस कंपनियां उन्हीं रूट्स पर ज्यादा ध्यान देती हैं, जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा हो और उन्हें फायदा हो। यही कारण है कि नए शहरों को जोड़ने की बजाय मौजूदा व्यस्त रूट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। लेकिन इससे छोटे शहरों के यात्रियों को नुकसान होता है, क्योंकि उन्हें सीधी उड़ान की सुविधा नहीं मिल पाती।

 

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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