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भोपाल में आयुष इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, 15 राज्यों से कम मिल रहा वजीफा, एमबीबीएस की तर्ज पर बढ़ोतरी की मांग

एमबीबीएस डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ने के बाद अब भोपाल में 100 से ज्यादा आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्ट्रेट का घेराव कर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि एमपी में देश के 15 प्रमुख राज्यों की तुलना में सबसे कम 9,383 रुपये स्टाइपेंड मिल रहा है।
भोपाल में आयुष इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन,

एमबीबीएस डॉक्टरों के बाद अब भोपाल में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने भी अपने हक के लिए मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार दोपहर करीब 100 से ज्यादा छात्र-डॉक्टर अपनी मांग लेकर कलेक्टर दफ्तर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस ने आनन-फानन में कलेक्ट्रेट का मेन गेट बंद कर दिया। दरअसल, ये डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।

देश में सबसे कम स्टाइपेंड

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि मध्य प्रदेश में उन्हें हर महीने महज 9,383 रुपये स्टाइपेंड के तौर पर दिए जा रहे हैं। आपको बता दें कि यह देश के 15 बड़े राज्यों की तुलना में सबसे कम रकम है। डॉक्टरों ने आंकड़े गिनाते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में आयुष डॉक्टरों को 33 हजार रुपये से ज्यादा मिलते हैं, जबकि ओडिशा, तेलंगाना और बिहार जैसे राज्यों में भी 27 से 30 हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं।

एमबीबीएस का बढ़ा स्टाइपेंड

दरअसल, कुछ दिन पहले ही भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस डॉक्टरों ने तीन दिनों तक उग्र आंदोलन किया था। उस दौरान सरकार ने उनकी बात मानते हुए स्टाइपेंड 50 फीसदी बढ़ाकर 21,500 रुपये महीना कर दिया था। अब आयुष डॉक्टरों का सवाल है कि जब वे भी सरकारी अस्पतालों में दिन-रात मरीजों का इलाज करते हैं, तो फिर उनके साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

आर-पार के मूड में डॉक्टर

आपको बता दें कि एमबीबीएस डॉक्टरों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मामले में पुलिसकर्मियों पर गाज भी गिर चुकी है। इसके बावजूद आयुष डॉक्टरों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। डॉक्टरों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर सम्मानजनक नहीं करती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।

Bhawna Choubey
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पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey
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