भोपाल के कोलार क्षेत्र के गुराड़ियाघाट में जमीन की खरीदी और बाद में हुए भूमि उपयोग परिवर्तन को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूछा है कि एक ही दिन बड़ी संख्या में आईएएस-आईपीएस अधिकारियों द्वारा जमीन खरीदने और उसके बाद बायपास परियोजना तथा लैंड यूज में बदलाव के बीच क्या संबंध है।

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किया कि क्या बायपास के प्रस्तावित एलाइनमेंट की जानकारी जमीन खरीदने वालों को पहले से थी। उन्होंने यह भी पूछा कि जमीन का लैंड यूज बदलने का आधार क्या था और इसके लिए किस स्तर पर निर्णय लिया गया।

कांग्रेस ने किए ज़मीन खरीद को लेकर सवाल

उमंग सिंघार ने कहा है कि 4 अप्रैल 2022 को गुराड़ियाघाट में लगभग 50 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों ने एक ही दिन लगभग 2.023 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी। उन्होंने कहा कि उस समय यह जमीन कृषि उपयोग में थी। इसके बाद वेस्टर्न भोपाल बायपास की योजना सामने आई और आगे चलकर इस क्षेत्र को बायपास परियोजना से जोड़ा गया।

कांग्रेस नेता ने खासतौर पर जून 2024 में जमीन का लैंड यूज कृषि से आवासीय किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बायपास के एक तरफ की जमीन आज भी कृषि उपयोग में है, जबकि अधिकारियों से जुड़ी जमीन का उपयोग आवासीय कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जमीन खरीद, बायपास के एलाइनमेंट और लैंड यूज परिवर्तन का यह पूरा घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है।

जांच की मांग

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से यह सवाल भी किया है कि अगर नियम और प्रक्रियाएं सभी के लिए समान हैं तो आम लोगों और अधिकारियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग स्थिति क्यों दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा है कि सरकार को इन सवालों का जवाब देकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सिर्फ जमीन खरीदने का मामला नहीं है, बल्कि इससे जुड़े फैसलों के क्रम को भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन खरीद के समय बायपास को लेकर क्या स्थिति थी और बाद में हुए बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए।