भोपाल में ‘जय जोहार’ बोलने पर आदिवासी छात्रों को गालियां देने का आरोप, थाना प्रभारी निलंबित, उमंग सिंघार ने की FIR की मांग  

भोपाल में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उमंग सिंघार ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
Bhopal news

राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ पुलिस के व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान आदिवासी छात्रों द्वारा ‘जय जोहार’ का नारा लगाने पर मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने उनके प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गालियां दीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। वीडियो सामने आने के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, भोपाल में आदिवासी छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान छात्र मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान छात्रों को जबरन पुलिस वाहन में बैठाया गया। छात्र वाहन में बैठने के दौरान ‘जय जोहार’ के नारे लगा रहे थे।

इसी बीच वाहन के बाहर मौजूद मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार द्वारा छात्रों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा। घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठने लगे।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामले को लेकर नाराजगी सामने आने के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जताई नाराजगी 

इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए घटना को गंभीर और निंदनीय बताया। सिंघार ने मांग की कि आदिवासी छात्रों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने इस घटना को आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

आदिवासी संगठनों ने की पुलिस आयुक्त से मुलाकात, सख्त कार्रवाई की मांग

आदिवासी संगठनों ने भी पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। आदिवासी कल्याण संघ के सदस्यों ने अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर से मिलकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। भोपाल पुलिस अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें निरीक्षक रतन सिंह परिहार द्वारा आदिवासी छात्रों के संबंध में टिप्पणी की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निरीक्षक रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया है। एफआईआर दर्ज होने और जांच के निष्कर्षों को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

Manisha Kumari Pandey
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