राजधानी भोपाल में ट्रैफिक पुलिस की हेलमेट चेकिंग कार्रवाई के दौरान एक हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। दरअसल पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित और ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी के बीच जमकर तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि यह विवाद बीच सड़क पर करीब ढाई मिनट तक चलता रहा, जिसमें भाजपा नेता ने पुलिस पर “चौथ वसूली” करने का गंभीर आरोप लगा दिया।
दरअसल घटना की शुरुआत तब हुई जब ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे पर हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बिना हेलमेट बाइक सवार भाजपा कार्यकर्ता को पुलिस ने रोका। जानकारी के अनुसार, रोके गए कार्यकर्ता ने ट्रैफिक टीआई से फोन पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित से बात कराने का प्रयास किया, लेकिन टीआई ने फोन पर बात करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अभय पंडित स्वयं मौके पर पहुंच गए और स्थिति देखते ही दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
ट्रैफिक पुलिस पर वाहन चालकों से अवैध वसूली का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभय पंडित ट्रैफिक पुलिस पर वाहन चालकों से अवैध वसूली और “चौथ वसूली” करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया। वहीं, मौके पर मौजूद ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी लगातार उन्हें समझाते रहे कि पुलिस नियमों के तहत अपनी ड्यूटी कर रही है और किसी भी तरह की कार्रवाई में हस्तक्षेप करना सही नहीं है। टीआई ने अभय पंडित को पुलिसकर्मियों से बदसलूकी न करने और सरकारी कार्य में बाधा न डालने की भी नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा कि अगर ऐसा होता रहा तो पुलिस केस दर्ज करने में भी पीछे नहीं हटेगी।
नोंकझोंक से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई
बहस के दौरान अभय पंडित यह कहते हुए भी सुने गए कि “अभी कुछ दिन पहले ही एक टीआई सस्पेंड हुई है।” इस पर ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी ने तपाक से जवाब दिया, “हमें भी करा दो।” इस तरह की नोंकझोंक से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोग भी इस घटनाक्रम को देखने के लिए रुक गए, जिससे कुछ समय के लिए तिराहे पर भीड़ एकत्र हो गई। यह पूरा वाकया कई लोगों के मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
वहीं ट्रैफिक टीआई संजय सूर्यवंशी ने बाद में बताया कि बहस करने वाले सज्जन कौन थे, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। वे केवल अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे थे और नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट पकड़े गए वाहन चालक के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई और उसके बाद उसे रवाना किया गया। टीआई ने यह भी बताया कि पकड़े गए वाहन चालक के पूर्व में भी तीन चालान लंबित थे, जो अभी तक जमा नहीं किए गए थे। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर ट्रैफिक कार्रवाई में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप और पुलिस के कर्तव्य निर्वहन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। विवाद के बावजूद पुलिस ने अपना काम जारी रखा और नियमानुसार चालान बनाया।






