मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में खाद संकट, सरकारी खरीदी में कथित अनियमितताओं और किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसानों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं, शिक्षा, पिछड़ा वर्ग और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि किसानों के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों को वह सदन के भीतर भी पूरी मजबूती से उठाएगी और सदन के बाहर भी उनके लिए संघर्ष जारी रखेगी।
विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन
विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। विपक्षी विधायकों ने बीजेपी नेताओं का मास्क लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसानों से बड़े-बड़े वादे कर वोट तो कर दिए लेकिन अब उनकी समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह बेपरवाह है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
उमंग सिंघार ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश का किसान इस समय सबसे अधिक परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है और उन्हें सिर्फ टोकन व ओटीपी के सहारे इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा “प्रदेश में किसान को खाद नहीं मिल रहा, सिर्फ टोकन मिल रहा है। टोकन और ओटीपी का खेल चल रहा है।” उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच कथित आपसी खींचतान का खामियाजा प्रदेश का किसान भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की फसलों की समय पर खरीदी नहीं हुई, गेहूं की पूरी खरीद नहीं की गई और सोयाबीन खरीदी की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय किसानों के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन जब किसानों के हितों की बात आती है तो सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री नजर नहीं आते।
सदन में उठाएंगे जनहित के मुद्दे
इससे पहले अपने निवास पर आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उमंग सिंघार ने कहा कि पिछले 34 महीनों में प्रदेश के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि किसान खाद के लिए परेशान हैं, जबकि युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ सपने दिखाए जा रहे हैं। सरकार “युवा वर्ष” मना रही है, लेकिन रोजगार के अवसर नहीं बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ा वर्ग, अतिथि शिक्षक तथा वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के शिक्षक भी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उमंग सिंघार ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में केन-बेतवा परियोजना, नीट और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन सभी विषयों को क्रमवार विधानसभा में उठाएगा और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।






