हिमाचल प्रदेश में युवाओं और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों में पुलिस विभाग में 800 कॉन्स्टेबल की भर्ती में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देना प्रमुख है, जिससे हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में आने का एक और अवसर मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में 1 अप्रैल 2026 से वृद्धि की गई है, अब उन्हें 5,800 रुपये के स्थान पर 6,800 रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही, पीजी (PG) विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है; अब प्रथम वर्ष में 50,000 रुपये, द्वितीय वर्ष में 60,000 रुपये और तृतीय वर्ष में 65,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। मान्यता प्राप्त डीएम एम.सीएच. और डीआरएनबी योग्यता वाले सुपर-स्पेशियलिटी संकाय सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है।
हमीरपुर में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
नए संस्थान और पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। हमीरपुर के नादौन (धनेटा) में 75 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने को मंजूरी मिली है। आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में बी.एससी. मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी) के पाठ्यक्रम शुरू होंगे, जिनमें दोनों संस्थानों में 30-30 सीटें होंगी। रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञों को 6 साल तक अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट दी जाएगी, बशर्ते वे चमियाना (एआईएमएसएस) या आईजीएमसी को छोड़कर अन्य राजकीय कॉलेजों में अपनी सेवाएं दें। टांडा, मंडी, ऊना, घवांडल और चमियाना में स्थापित हो रहे 5 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार विजेता शिक्षकों की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी
शिक्षा के क्षेत्र में, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों की इनामी राशि 60,000 रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये और राज्य पुरस्कार विजेताओं की राशि 40,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हालांकि, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब सेवा विस्तार नहीं मिलेगा। बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार उबला हुआ अंडा या मौसमी फल दिया जाएगा। राज्य के 1,975 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक-एक चौकीदार और मल्टी-टास्क वर्कर सहित कुल 3,950 कर्मियों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है।
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना में आयु सीमा बढ़ी
रोजगार सृजन के तहत ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना’ (ई-टैक्सी) के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है। विभिन्न विभागों में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इनमें ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी-टास्क वर्कर और 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट, शिक्षा विभाग में जेओए (लाइब्रेरी) के 200 पद, नवगठित पुलिस जिला नूरपुर की पुलिस लाइनों में 102 पद और आईजीएमसी व अन्य कॉलेजों में डायलिसिस तकनीशियन के कई पद शामिल हैं। मत्स्य विभाग, योजना विभाग, पंचायती राज व लघु बचत विभाग में भी दर्जनों पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
छुआरों के लिए नई सम्मान निधि योजना होगी शुरू
कर्मचारी और मछुआरा कल्याण के लिए भी अहम निर्णय लिए गए हैं। 12 साल से अधिक सेवाएं दे चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को अब दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा, वहीं नंबरदारों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। मछुआरों के लिए ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना’ शुरू होगी, जिसके तहत मछली पकड़ने के प्रतिबंधित मौसम में 3,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नावों, फिशिंग गियर (कास्ट/गिल नेट), कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर डीबीटी के माध्यम से 70% से 90% तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। वार जागीर अनुदान की राशि भी 7,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है।
बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ‘सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति’ को मंजूरी दी गई है। लोक निर्माण विभाग के लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियरों को सिस्टम क्रियान्वयन के लिए 1,000 रुपये का विशेष मासिक भत्ता मिलेगा। शिमला हिल्स में ‘जाठिया देवी माउंटेन सिटी’ के विकास को हरी झंडी मिली है, साथ ही विकासनगर (शिमला) में पीपीपी मॉडल पर एक बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर बनाया जाएगा। शिमला, मंडी, धर्मशाला और ऊना में स्थायी लोक अदालतें स्थापित की जाएंगी। फोजल जलविद्युत परियोजना की क्षमता 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट की जाएगी। ऊर्जा बचाने के उद्देश्य से जल शक्ति विभाग ‘एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल’ अपनाएगा।
आज कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कर्मचारियों के हितों को और अधिक सुदृढ़ करने, मानदेय में वृद्धि करने तथा प्रदेश के समग्र विकास को आगे बढ़ाने से संबंधित अनेक अहम फैसले शामिल हैं।
इन निर्णयों की… pic.twitter.com/rdWGpKK1gK
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 20, 2026




