मंडी लोकसभा सीट से सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू दौरे के दौरान राजनीतिक और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। दरअसल उन्होंने कहा कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती नजर आ रही है और कई विकास परियोजनाएं तय समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। कंगना ने आरोप लगाया कि आम लोगों से जुड़े मामलों में सरकार की कार्यशैली उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रही है। हालांकि, उन्होंने अपने दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल की शुरुआत भी की।
दरअसल कंगना रनौत ने कहा है कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और तेज विकास मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ कुल्लू के ग्रामीण इलाकों में मोबाइल मेडिकल वैन और नई एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, ताकि दूर-दराज के लोगों तक समय पर इलाज पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है।
विकास कार्यों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
वहीं अपने संबोधन में कंगना रनौत ने हाल के कुछ घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। दरअसल उन्होंने कहा है कि अगर अस्पतालों में लापरवाही और अपराध की घटनाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। उनके मुताबिक जनता को सुरक्षित माहौल और बेहतर प्रशासन देना किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं को राजनीतिक मतभेदों से दूर रखकर तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
दरअसल सांसद कंगना रनौत ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बजट को लेकर चल रही बहस का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि विकास परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध होने के बावजूद कई योजनाएं प्रशासनिक स्तर पर आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। उन्होंने अपनी सांसद निधि से जुड़े कुछ प्रस्तावों के लंबित होने का भी दावा किया और कहा कि यदि प्रशासन समय पर सहयोग करे तो कई स्थानीय परियोजनाएं जल्द पूरी हो सकती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत
वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच कंगना रनौत ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत भी की है। दरअसल कुल्लू के चंसारी क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल वैन का उद्घाटन किया गया जिसका उद्देश्य पहाड़ी और दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। वहीं इस वैन के जरिए डॉक्टरों की सलाह, सामान्य जांच, ब्लड टेस्ट और जरूरी दवाइयों की सुविधा गांवों के करीब उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।






