जबलपुर के भेड़ाघाट इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक परिवार को अपने घर के बैठक कमरे से लगातार फुफकारने की आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों को समझ नहीं आया कि आवाज कहां से आ रही है, लेकिन जब उन्होंने सोफे के नीचे देखा तो वहां एक काला कोबरा फन फैलाकर बैठा था। सांप को देखकर परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और सभी तुरंत कमरे से बाहर निकल गए।
यह मामला भेड़ाघाट चौक के पास रहने वाले राजकुमार सोनी के घर का है। सूचना मिलने पर सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे मौके पर पहुंचे और सावधानी से कोबरा का रेस्क्यू किया। करीब चार फीट लंबे इस कोबरा को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से परिवार ने राहत की सांस ली।
फुफकार की आवाज से चला सोफे के नीचे कोबरा होने का पता
परिवार के सदस्य बैठक कमरे में बैठे हुए थे। तभी उन्हें बार-बार फुफकारने जैसी आवाज सुनाई दी। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि आवाज कहां से आ रही है। जब एक सदस्य ने सोफे के नीचे झांककर देखा तो वहां काला कोबरा फन फैलाए बैठा था। सांप को देखते ही घर में मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत वहां से दूर हो गए।
परिवार ने पहले सांप को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन कोबरा और तेज फुफकारने लगा। इसके बाद किसी ने भी उसे छूने या भगाने की कोशिश नहीं की और तुरंत सर्प विशेषज्ञ को सूचना दी।
सर्प विशेषज्ञ ने सुरक्षित किया कोबरा का रेस्क्यू
सूचना मिलते ही सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानी के साथ कोबरा को पकड़ने का अभियान शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में वापस जा सके। रेस्क्यू के दौरान परिवार और आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई। किसी को भी सांप के पास जाने नहीं दिया गया।
कोबरा प्रजाति का नाग
सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप कोबरा प्रजाति का नाग है। इसकी लंबाई करीब चार फीट थी, जबकि यह प्रजाति आमतौर पर साढ़े पांच से छह फीट तक लंबी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कोबरा के जहर में न्यूरोटॉक्सिन होता है। यह जहर शरीर के नर्वस सिस्टम पर असर डालता है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान का खतरा भी हो सकता है।
परिवार ने ली राहत की सांस
कोबरा के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद राजकुमार सोनी के परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते सर्प विशेषज्ञ के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया। भेड़ाघाट की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के मौसम में घर के अंदर फुफकार या किसी अनजान आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सावधानी और समय पर विशेषज्ञ की मदद ही ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित उपाय है।






