जबलपुर में लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे। इस तरह से इन्होंने करीब 29 लाख रुपए की ठगी की है।
जबलपुर पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य आरोपी गिरजेश सिंह राजपूत को विदिशा से गिरफ्तार किया है। पुलिस इससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिरकार इसने लोगों को कैसे लूटा है। इस मामले में एक महिला शिक्षिका राखी वंशकार से पूछताछ भी चल रही है।
लोगों से वसूले लाखों रुपए
गिरजेश को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो यह सामने आया कि इनके निशाने पर बेरोजगार युवा होते थे। यह इन्हें सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए वसूलते थे। ठगी का ये खेल एक या दो नहीं बल्कि कई लोगों के साथ खेला गया है। आरोपी के कब्जे से नियुक्ति पत्र सहित बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पीड़ितों ने की शिकायत
ठगी के इस मामले में पुलिस को पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी। घमापुर के सिद्ध बाबा क्षेत्र में रहने वाले एक छात्र ने पुलिस को बताया था कि गिरजेश सिंह ने उसे शासकीय सेवा में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले में 3 लाख 75 हजार लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। पैसे देने के बावजूद भी उसे नौकरी नहीं मिली और फिर आरोपियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। शक होने पर उसने पुलिस को शिकायत की।
महिला शिक्षिका की भी भूमिका
इस मामले में सहायक शिक्षक गिरजेश के अलावा महिला शिक्षक राखी वंशकार की भूमिका भी सामने आ रही है। गिरजेश ने खुद पूछताछ के दौरान उसका नाम लिया है। पुलिस इस घर में से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस मामले के शिकार हुए और भी लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।






