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MP नर्सिंग कॉलेज विवाद: उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “कॉलेजों की गड़बड़ियों की सजा छात्रों को क्यों”

नर्सिंग कॉलेजों की जांच और परीक्षा को लेकर जारी कानूनी पेंच के बीच विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और जांच को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लगभग 130 नर्सिंग संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के सामने परीक्षा और आगे की पढ़ाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कॉलेजों की व्यवस्थाओं और मान्यता से जुड़े विवाद में विद्यार्थियों की कोई भूमिका नहीं है फिर भी सबसे ज्यादा असर उन्हीं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जिन युवाओं ने नर्सिंग को करियर के रूप में चुना है, उनके शैक्षणिक वर्ष और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

क्या है मामला

यह बयान सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के संदर्भ में आया है। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि छात्रों को उन कॉलेज प्रबंधनों से संपर्क करना चाहिए जिन्हें उन्होंने फीस या डोनेशन दिया है और उनसे सीबीआई जांच कराने का आग्रह करना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि सीबीआई से ‘ग्रीन चेक’ मिलने वाले कॉलेजों में छात्र परीक्षा दे सकते हैं। जो कॉलेज क्लियर नहीं होंगे, उनके छात्रों को अन्य उपयुक्त संस्थानों में स्थानांतरित कर परीक्षा करवाई जा सकती है। अदालत ने सुनवाई के दौरान जांच की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने यह टिप्पणी भी की कि विद्यार्थियों ने जिस संस्थान को फीस या अन्य राशि दी है, कॉलेज प्रबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और जांच की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।

उमंग सिंघार ने घेरा

इस मामले पर उमंग सिंघार ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने परीक्षा देने तक का संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि कॉलेज प्रबंधन की गड़बड़ियों की सजा छात्रों को क्यों मिले? उन्होंने सरकार से छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने और नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि “शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करके प्रदेश का भविष्य नहीं बनाया जा सकता।” उमंग सिंघार ने सरकार से यह भी पूछा कि छात्रों का भविष्य बचाना उसकी प्राथमिकता है या नर्सिंग कॉलेजों की अनियमितताओं पर पर्दा डालना।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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