मध्यप्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान में दूसरे राज्यों से आ रहे उत्पाद भी जांच के घेरे में आए हैं। गुजरात की एक डेयरी का घी जांच में ‘असुरक्षित’ (Unsafe) पाया गया है, जबकि नागपुर से भोपाल भेजा गया मिल्क केक अमानक स्तर का निकला है।
इन दोनों ही मामलों में मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने संबंधित राज्यों के अधिकारियों को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा है।
प्रदेश में 20 जुलाई से दूध, घी, मावा और अन्य दुग्ध उत्पादों की जांच का सघन अभियान चल रहा है। इसी दौरान बाजार में बिक रहे अलग-अलग ब्रांड के घी के नमूनों को जांच के लिए FSSAI से अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजा गया था। जांच में गुजरात के खेड़ा जिले स्थित बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स के घी का नमूना असुरक्षित पाया गया।
गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लिखा पत्र
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने 25 अगस्त को गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी है। विभाग ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए संबंधित घी निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इसकी जानकारी FSSAI के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मध्य प्रदेश के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।
बस से नागपुर से भोपाल पहुंच रहा था संदिग्ध मिल्क केक और मावा
दूसरा मामला नागपुर से जुड़े दुग्ध उत्पादों का है। विभाग के मुताबिक 24 अगस्त को भोपाल में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नागपुर के जरीपटका स्थित मनन स्वीट्स से नटवर बस के जरिए संदिग्ध मिल्क केक और मावा लाए जाने की जानकारी मिली। जांच में मिल्क केक अमानक स्तर का पाया गया।
इसके बाद नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 25 अगस्त को नागपुर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा। इसमें नागपुर से मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में खाद्य पदार्थ भेजने वाले संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
दूसरे राज्यों से आने वाले दुग्ध उत्पाद भी जांच के दायरे में
इन दोनों मामलों से साफ है कि मध्यप्रदेश में चल रहा अभियान अब सिर्फ प्रदेश के भीतर तैयार होने वाले दुग्ध उत्पादों तक सीमित नहीं है। दूसरे राज्यों में बने और मध्य प्रदेश में बेचे या भेजे जा रहे दूध उत्पादों के नमूने भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि विभाग के दस्तावेजों में गुजरात के घी को स्पष्ट रूप से ‘Unsafe’, जबकि नागपुर के मिल्क केक को ‘अमानक’ बताया गया है और दोनों को एक ही श्रेणी में नहीं रखा गया है।






