नीमच जिले के डीकेन चौकी क्षेत्र से मजदूर के साथ कथित मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। जनकपुर में बन रही अफीम फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर जैनुल मुस्तफा ने ठेकेदार और उसके तीन साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मजदूर का कहना है कि उसकी करीब 11 दिन की मजदूरी बाकी थी। जब उसने अपने पैसे मांगे तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद उसे कथित तौर पर नीमच छोड़ने और रास्ते में मजदूरी देने की बात कहकर गाड़ी में बैठाया गया।
मजदूरी के पैसे मांगने पर शुरू हुआ विवाद
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी जैनुल मुस्तफा नीमच के जनकपुर में निर्माणाधीन अफीम फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था। उसके अनुसार, करीब 11 दिन की मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ था। वह लगातार अपने मेहनत के पैसे मांग रहा था।
मजदूर का आरोप है कि मजदूरी मांगने को लेकर उसका ठेकेदार आसीम हुसैन से विवाद हुआ। इसके बाद ठेकेदार ने अपने तीन साथियों फिरासत, अकील और निजामुद्दीन को उसके पास भेजा।
रास्ते में पैसे देने का बनाया वीडियो
जैनुल के अनुसार, गाड़ी से ले जाते समय आरोपियों ने पूरा भुगतान करने का दिखावा किया। आरोप है कि इस दौरान वीडियो भी बनाया गया, लेकिन मजदूर को उसकी बकाया मजदूरी नहीं दी गई।
पीड़ित का कहना है कि उसे केवल 500 रुपए दिए गए। इसके बाद उसका मोबाइल भी ले लिया गया। मोबाइल छीनने के कारण वह अपने परिवार या किसी अन्य व्यक्ति से तुरंत संपर्क भी नहीं कर सका।
रात ढाई बजे रास्ते में छोड़ने का आरोप
जैनुल ने बताया कि उसे रात करीब ढाई बजे मालखेड़ा फंटे के पास उतारा गया। उसका आरोप है कि वहां उसे शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
रात के समय सुनसान जगह पर छोड़ दिए जाने के बाद मजदूर ने मामले की शिकायत करने का फैसला किया। मंगलवार देर शाम वह नीमच एसपी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को लिखित शिकायत दी।
एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई मदद की गुहार
पीड़ित मजदूर ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसका कहना है कि उसने मेहनत करके मजदूरी की थी और वह केवल अपने हक के पैसे मांग रहा था।
मजदूर ने ठेकेदार और उसके साथियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसका मोबाइल वापस दिलाने और बकाया मजदूरी दिलाने की भी गुहार लगाई है।






