नीमच: मध्यप्रदेश के नीमच जिले में स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई, जब पुलिस और आरटीओ की संयुक्त चेकिंग में बच्चों की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया। इंटरनेशनल साईं संस्कार पब्लिक स्कूल की बस MP 44 P 0405 में महज 17 सीटों की क्षमता के बावजूद 22 बच्चे सवार मिले। यानी बस में क्षमता से 5 ज्यादा बच्चों को बैठाकर सफर कराया जा रहा था। इस लापरवाही ने स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि स्कूल बस में एक ओर जहां सीटों की क्षमता से अधिक बच्चे बैठे हुए थे तो वहीं इससे बड़ी एक और लापरवाही सामने आई। बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिला, जबकि चालक के पास स्कूल बस संचालन के लिए जरूरी 5 साल पुराने हैवी लाइसेंस की जगह महज 2 साल पुराना लाइट लाइसेंस मिला।
पुलिस और आरटीओ की टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ज्ञानोदय स्कूल समेत कई स्कूल-कॉलेजों के वाहनों की जांच की। इस दौरान कई वाहनों में फायर सेफ्टी उपकरण और फर्स्ट एड किट तक नहीं मिली।
स्कूलों वाहनों का काटा गया चालान
सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर चार स्कूली वाहनों के चालान काटे गए और कुल 47 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं इंटरनेशनल साईं संस्कार स्कूल की बस पर अकेले 11 हजार रुपए की कार्रवाई की गई। वहीं पुलिस ने साफ चेतावनी दी है बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।





