इंदौर शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने 22 और 23 अगस्त की रात विशेष चेकिंग और पेट्रोलिंग अभियान चलाया। शहर के चारों जोन में पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में देर रात तक संदिग्ध लोगों, गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों की जांच की गई।
इस दौरान 1218 से ज्यादा बदमाशों को चेक किया गया, जिनमें से 524 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस अभियान के दौरान लंबे समय से फरार आरोपियों और वारंटियों पर भी फोकस रखा।
इंदौर पुलिस ने 1218 से ज्यादा बदमाशों को किया चेक
पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया गया। 22-23 अगस्त की शाम से देर रात तक शहर के चारों जोन में पुलिस की टीमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहीं।
इंदौर पुलिस चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना था, जो पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं या जिनसे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है।
पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध लोगों की जानकारी जांची। गुंडे-बदमाशों, असामाजिक तत्वों और अवैधानिक गतिविधियों में शामिल लोगों की निगरानी की गई। अभियान के दौरान कुल 1218 से अधिक बदमाशों को चेक किया गया।
लंबे समय से फरार आरोपियों पर भी नजर
देर रात हुई पुलिस कार्रवाई में वारंटियों को पकड़ने पर भी खास ध्यान दिया गया। अलग-अलग मामलों में वांछित आरोपियों के कुल 275 वारंट तामील कराए गए। इनमें लंबे समय से फरार आरोपियों से जुड़े वारंट भी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान 85 स्थायी वारंट, 76 गिरफ्तारी वारंट114 जमानती वारंट, तामील कराए गए।
इस कार्रवाई का एक बड़ा मकसद ऐसे आरोपियों तक पहुंचना था, जो लंबे समय से पुलिस की नजर से बच रहे थे। वारंट तामील होने से संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। पुलिस ने इस अभियान में केवल सड़क पर घूम रहे संदिग्ध लोगों की जांच नहीं की, बल्कि पुराने अपराधियों और फरार आरोपियों की जानकारी के आधार पर भी कार्रवाई की।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर भी कार्रवाई
देर रात की चेकिंग के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती दिखाई। खास तौर पर शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, 147 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई।
शराब के नशे में गाड़ी चलाना सिर्फ चालक के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है। तेज रफ्तार या नशे में वाहन चलाने के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों पर भी केस
पुलिस की इस विशेष कार्रवाई में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों को भी नहीं छोड़ा गया। सार्वजनिक जगह पर अवैध रूप से शराब का सेवन करने वाले लोगों के खिलाफ 24 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थों का सेवन करने वालों के खिलाफ भी 3 प्रकरण दर्ज किए गए।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशे से जुड़ी गतिविधियों के कारण आसपास के लोगों को परेशानी होती है और कई बार विवाद या अपराध की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की गई।






