नीमच में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के गोपी मिष्ठान भंडार और मनासा के एक व्यापारी के यहां कार्रवाई की।
गोपी मिष्ठान भंडार से गुलाब पाक, गुलाब जामुन, मावा बर्फी समेत छह मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं। वहीं मनासा में बेहद कम कीमत पर बिक रहे घी को लेकर संदेह होने पर 152 लीटर घी जब्त किया गया। अब दोनों मामलों में जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर गोपी मिष्ठान भंडार पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई की शुरुआत तिलक मार्ग स्थित गोपी मिष्ठान भंडार से हुई। यहां सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के निराकरण के लिए टीम पहुंची और दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग मिठाइयों के नमूने लिए। इनमें गुलाब पाक, गुलाब जामुन, मावा बर्फी, मलाई बर्फी, बेसन लड्डू और अंजीर बर्फी शामिल हैं। इन छह मिठाइयों के नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पता चलेगा कि मिठाइयां तय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार हैं या नहीं।

₹340 प्रति लीटर बिक रहे घी पर उठे सवाल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मनासा के कोर्ट रोड स्थित सोमानी ट्रेडर्स पर भी कार्रवाई की। यहां ‘शिवाय रुद्रांश’ ब्रांड के घी के चार नमूने लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, इस घी की बिक्री करीब 340 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर की जा रही थी। कीमत को काफी कम पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने घी की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू की। इसी दौरान करीब 152 लीटर घी जब्त किया गया।
जब्त किए गए घी की अनुमानित कीमत करीब 52 हजार रुपये बताई गई है। जांच रिपोर्ट आने तक इस घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। अब घी के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसमें किसी तरह की मिलावट है या वह खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।

तीन दिनों में 21 खाद्य पदार्थों के सैंपल
नीमच जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान केवल एक दुकान या एक उत्पाद तक सीमित नहीं है। विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में अलग-अलग डेयरियों और ढाबों से कुल 21 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं।
इन नमूनों में पनीर, मावा, दही, छाछ और घी जैसे उत्पाद शामिल हैं। ये सभी ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका इस्तेमाल घरों के साथ-साथ होटल, ढाबों और मिठाई की दुकानों में भी बड़े स्तर पर किया जाता है।
मिठाइयों की जांच क्यों जरूरी?
त्योहारी सीजन ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी मिठाइयों की बिक्री बड़ी मात्रा में होती है। मिठाई बनाने में दूध, मावा, घी, पनीर, चीनी और कई दूसरे खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल होता है। इनमें से किसी एक सामग्री की गुणवत्ता खराब होने पर तैयार उत्पाद की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
गोपी मिष्ठान भंडार से छह अलग-अलग मिठाइयों के सैंपल लिए जाने का कारण भी यही है कि तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच की जा सके। गुलाब जामुन से लेकर मावा बर्फी तक अलग-अलग उत्पादों के नमूने लिए गए हैं






