टीकमगढ़ जिले में महाकाल की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक बनाया जाएगा। धार्मिक पर्यटन को क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए कुंडेश्वर धाम का विकास किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा समुचित योजना तैयार कर इस कार्य को पूर्ण किया जाएगा। जल्द ही यहां अधिकारियों की टीम भेजी जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान अन्तर्गत जिला विकास समिति की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान यह बातें कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुंडेश्वर के आसपास होमस्टे बनाएं, इससे जहां तीर्थ यात्रियों को सुविधा होगी, वही लोग लोगों को आय का जरिया मिल जाएगा। जिले के विकास के लिए प्रभावशाली नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। इसके आधार पर जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्य योजना तैयार की जाएगी। निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच 3 हजार करोड़ रुपये की इस्पात उद्योग इकाई भी प्रारंभ हो गई है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन करें सुनिश्चित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके लिए ITI एवं कौशल विकास के माध्यम से उद्योगों के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे। किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। निराश्रित बच्चों को 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का सर्वे कराकर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। सुशासन हमारी प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। नल-जल योजना एवं राशन वितरण सहित सभी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पीतल शिल्पकार के घर पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के दौरान टीकमगढ़ के प्रसिद्ध पीतल शिल्पकार लक्ष्मीनारायण सोनी के घर पहुँचे। उन्होंने पीतल से निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियों एवं अन्य कलात्मक उत्पादों का अवलोकन किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ की पीतल शिल्पकला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है तथा इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। पीतल शिल्प उद्योग के समग्र विकास के लिए MSME विभाग द्वारा भारत सरकार की MSE-CDP योजना अंतर्गत ग्राम धर्मपुरा, तहसील टीकमगढ़ में लगभग 1099 लाख की लागत से प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र के त्वरित विकास के लिये संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर विपणन अवसर एवं रोजगार के नए आयाम प्राप्त होंगे।






