सावन के महीने में मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में भक्तों के भारी भीड़ उमड़ती है। अब आने वाले सावन को लेकर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से तैयारियां की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को कलेक्टर अदिति गर्ग की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक के दौरान सावन के महीने में मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजन सहित दर्शन व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कुछ जरूरी निर्णय लिए गए। अब यहां भी महाकाल की तर्ज पर शयन आरती की जाएगी और मंदिर सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहेगा।
गर्भगृह में प्रवेश पर रोक
मंदिर समिति की ओर से निर्णय लिया गया है कि मंदिर सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक खोला जाएगा। सावन के महीने में आने वाले सोमवार, रविवार, हरियाली अमावस्या नाग पंचमी और अन्य विशेष मौके पर श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। भक्त बाहर से ही भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
सावन में होगा मनोकामना अभिषेक
सावन के महीने में रोजाना सुबह 8.30 बजे से 10.30 बजे तक वेदपाठी ब्राह्मण और आचार्य विष्णु प्रसाद ज्ञानी के सानिध्य में मनोकामना अभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा जजमानी के अभिषेक, पूजन और हवन हॉल नंबर 2 में संपन्न होंगे।
श्रावण माह 2026 के विभिन्न आयोजनों के संबंध में श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक सम्पन्न
श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक का आयोजन कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को किया गया। #Mandsaur #मंदसौर pic.twitter.com/HVzXCp7bEf
— PRO JS Mandsaur (@PROJSMandsaur) July 20, 2026
महाकाल की तरह शयन आरती
महाकाल मंदिर की तर्ज पर दीपक की ज्योति से बाबा पशुपतिनाथ की शयन आरती की जाएगी। वही पालकी यात्रा के आयोजन को लेकर भी जरूरी निर्णय लिए गए हैं। आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और सफाई सहित घाटों पर स्नान, पार्किंग और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
विद्युत सज्जा और प्राथमिकी चिकित्सा व्यवस्था
चंद्रपुरा, पुरानी पुलिया, खिलचीपुरा, नवीन पुलिया, महू नीमच रोड प्रवेश द्वार और सिंह द्वारा चौराहे पर स्ट्रीट लाइट सुधारने के साथ आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए घाट हमेशा साफ सुथरा रहे यह सुनिश्चित किया जाएगा। अगर किसी को डॉक्टर, आवश्यक दवाई या प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पड़ती है तो वह यहां उपलब्ध रहेगी।
विश्राम गृह में ठहरने की व्यवस्था
मंदिर परिसर में जो यात्री विश्राम गृह है, वहां निशुल्क और श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह में भक्ति सशुल्क ठहरने की व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं। मंदिर परिसर और चंद्रपुरा अतिथि गृह की छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने पर भी विचार विमर्श किया गया है।






