देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी के मामले से जूझ रहा है, जहां विश्वविद्यालय के नाम और आधिकारिक लोगो का अनधिकृत रूप से उपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम पर कई पेज बनाए गए हैं। इन अनाधिकृत पेजों के माध्यम से गलत जानकारी प्रसारित होने और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचने की आशंका के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए इंदौर साइबर क्राइम में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रज्वल खरे ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि डीएवीवी के नाम और उसके लोगो का अधिकारिक रूप से उपयोग करने का अधिकार केवल विश्वविद्यालय को है। इसके बावजूद, कुछ अज्ञात व्यक्तियों या समूहों द्वारा सोशल मीडिया पर ऐसे पेज बनाए गए हैं, जो विश्वविद्यालय की पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं। ये पेज न केवल डीएवीवी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि विश्वविद्यालय के आधिकारिक लोगो को भी लगाकर आम जनता और छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
फर्जी इंस्टाग्राम पेजों की जानकारी मिलते ही साइबर क्राइम में दर्ज कराई शिकायत
कुलसचिव प्रज्वल खरे के अनुसार, इंस्टाग्राम पर बनाए गए इन अनधिकृत पेजों की जानकारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को हाल ही में मिली। सूचना मिलते ही, मामले की गंभीरता को समझते हुए, कुलसचिव द्वारा बिना किसी विलंब के साइबर क्राइम सेल में शिकायत की गई है। इस शिकायत का मुख्य उद्देश्य इन अनाधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाना और विश्वविद्यालय की डिजिटल पहचान को सुरक्षित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे पेजों द्वारा डाली गई कोई भी जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी नहीं मानी जा सकती और वह लोगों को गलत दिशा में ले जा सकती है।
प्रज्वल खरे ने आगे बताया कि अनधिकृत रूप से नाम और लोगो का उपयोग करते हुए कुछ लोगों ने ये पेज बनाए हैं। इन पेजों पर डाली गई जानकारियां, आम लोगों को यह विश्वास दिला सकती हैं कि वे विश्वविद्यालय के आधिकारिक पेज से प्राप्त हुई हैं। इससे बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और अन्य हितधारक भ्रमित हो सकते हैं। असत्य जानकारी को सत्य मानकर वे गलत निर्णय ले सकते हैं, जिससे उनके हितों को नुकसान पहुँच सकता है। कुलसचिव ने यह भी चिंता व्यक्त की कि ऐसी गतिविधियां देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की वर्षों से बनी विश्वसनीय छवि को धूमिल कर सकती हैं।
फर्जी सोशल मीडिया पेजों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अनधिकृत पेज न केवल गलत सूचना फैलाते हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की साख पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यही वजह है कि विश्वविद्यालय द्वारा साइबर क्राइम में इसके निराकरण के लिए शिकायत की गई है, ताकि ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कुलसचिव प्रज्वल खरे ने यह भी उल्लेख किया कि इंस्टाग्राम पर डीएवीवी के नाम से कुछ पेजों की जानकारी मिलने के बाद शिकायत की गई है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि ऐसे और भी पेज हो सकते हैं। उनके संज्ञान में अब तक दो से तीन ऐसी आईडी आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
कुलसचिव ने की सतर्क रहने की अपील
कुलसचिव ने सभी छात्रों, कर्मचारियों और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय की सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल उसकी वेबसाइट या अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से ही जारी की जाती हैं। किसी भी अन्य स्रोत से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य कर लें। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में साइबर क्राइम के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि दोषियों की पहचान कर उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके और विश्वविद्यालय की डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखा जा सके।






