कटनी जिले में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई सहकारी समिति द्वारा हड़पने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। इन महिलाओं का आरोप है कि बड़वारा क्षेत्र की एक सहकारी समिति ने उनकी वर्षों की जमा पूंजी हड़प ली है। उन्होंने बताया कि मैच्योरिटी पूरी होने के बाद न तो उन्हें उनकी जमा राशि लौटाई गई और न ही भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में पास हो सके।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि शक्ति महिला संघ बहुउद्देशीय सहकारी समिति से जुड़े कर्मचारियों ने जब उन्होंने अपने पैसे मांगे तो उन्हें धमकाया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस में शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक रोज 100 रुपये जमा किए थे, जो उनकी गाढ़ी कमाई थी। इस दैनिक जमा योजना के तहत उन्हें पासबुक भी जारी की गई थी, जिसमें नियमित रूप से जमा की गई राशि का विवरण दर्ज था।
मैच्योरिटी पूरी होते ही बंद मिला संस्था का कार्यालय
पीड़ितों के अनुसार, जब उनकी जमा राशि लौटाने का समय आया और मैच्योरिटी अवधि पूरी हो गई, तो संस्था का कार्यालय अचानक बंद मिला। इसके साथ ही संस्था से जुड़े कई कर्मचारी और एजेंट भी गायब हो गए, जिससे महिलाओं को अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद धूमिल होती नजर आई। संस्था द्वारा भुगतान के लिए दिए गए कई चेक भी बैंक में बाउंस हो गए, क्योंकि संबंधित खातों में पर्याप्त राशि नहीं थी। इन महिलाओं का दावा है कि उनकी लाखों रुपये की जमा पूंजी इस धोखाधड़ी का शिकार हो गई है।
महिलाओं को धमकाने का आरोप
महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब उन्होंने संस्था से जुड़े एक कर्मचारी से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने उन्हें धमकाया और खुलेआम कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस घटना से महिलाएं और भी भयभीत और असहाय महसूस करने लगीं। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने पहले भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। पहली शिकायत 9 मार्च 2026 को बड़वारा थाना में की गई थी, जबकि दूसरी शिकायत 3 जुलाई 2026 को डीएसपी के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। हालांकि, इन शिकायतों के बावजूद, पीड़ितों का आरोप है कि अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे दोषियों के हौसले बुलंद हैं।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और फंसी जमा राशि वापस दिलाने की मांग
अब इन महिलाओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनकी फंसी हुई जमा राशि को जल्द से जल्द वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर एडिशनल एसपी कमल मौर्य ने मीडिया को बताया कि उनके पास इस मामले की शिकायत आई है। उन्होंने संबंधित थाने में की गई शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच के बाद इन पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल पाता है या नहीं और उनकी वर्षों की जमा पूंजी वापस लौट पाती है या नहीं। यह मामला जिले में सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।






