कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया एक ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर घिर गई हैं। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन की शिकायत के बाद सीएसपी के चालक आरक्षक केशव सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नेहा पच्चीसिया से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार भी वापस ले लिया गया है।
इस मामले पर कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने कहा कि शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के बयान दर्ज करने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आईजी के आदेशानुसार ट्रांसपोर्टर वसूली और चालान में देरी सहित अन्य दोनों शिकायतों की जांच एएसपी जबलपुर अनु बेनीवाल करेंगी।
21 जुलाई की रात हाईवा रोका, अगले दिन SP से शिकायत
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने 22 जुलाई को कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, उनके पास पांच हाईवा वाहन हैं जिनका उपयोग रेत और डोलोमाइट के परिवहन में किया जाता है। महेंद्र जैन ने आरोप लगाया है कि 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग के दौरान उनका हाईवा रोक लिया गया। इस दौरान उनसे 30 हजार रुपए की मांग की गई। आरोप है कि रकम नहीं देने पर वाहन थाने में खड़ा कर कार्रवाई करने की बात कही गई। शिकायत में कहा गया है कि दबाव में उन्होंने मौके पर 25 हजार रुपए नकद दे दिए, जबकि शेष 5 हजार रुपए अगले दिन CSP के चालक के माध्यम से देने की बात हुई। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत की और कुछ साक्ष्य भी सौंपे।
CSP का ड्राइवर सस्पेंड, तीन थानों का प्रभार हटाया
शिकायत मिलने के बाद एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने प्रारंभिक जांच कराई। इसके बाद सीएसपी के चालक आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही नया कार्य विभाजन आदेश जारी कर नेहा पच्चीसिया से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार वापस ले लिया गया। इन तीनों थानों की जिम्मेदारी अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंपी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटनी कमल मौर्य ने बताया कि शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चालक को निलंबित किया गया है और थाना प्रभार में बदलाव किया गया है।
वसूली के आरोपों की जांच अब जबलपुर में
IG के आदेश पर ट्रांसपोर्टर से कथित अवैध वसूली के मामले की जांच एएसपी जबलपुर अनु बेनीवाल को सौंपी गई है। कमल मौर्य के अनुसार, ट्रांसपोर्टर की शिकायत के साथ-साथ CSP से जुड़े एक अन्य मामले की जांच भी अनु बेनीवाल ही करेंगी।
हत्या के मामले से जुड़े आरोपों की भी जांच
ट्रांसपोर्टर की शिकायत के बीच नेहा पच्चीसिया से जुड़ा एक अन्य मामला भी जांच के दायरे में है। यह मामला हत्या के एक प्रकरण से संबंधित है जिसमें चालान पेश करने में देरी, कथित रिश्वत मांगने और जमीन कम कीमत पर बिकवाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत में इस संबंध में परिवाद दायर किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
बेटे को मामले से राहत दिलाने के बदले 15 लाख मांगने का आरोप
परिवाद के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को पुलिस ने हत्या के एक मामले में आकाश लोधी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसे मामले से राहत दिलाने के बदले उसके पिता रमेश लोधी से 15 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई। इसी मामले में निर्धारित अवधि के भीतर चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने के घटनाक्रम की भी विभागीय जांच की जा रही है।
गाइडलाइन वैल्यू से कम कीमत पर जमीन बिकवाने का आरोप
परिवाद में जमीन से जुड़ा भी एक आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, ग्राम कंहवारा स्थित खसरा नंबर 2618/1, रकबा 2.15 हेक्टेयर की जमीन की शासकीय गाइडलाइन वैल्यू 82.86 लाख रुपए थी। आरोप है कि दबाव बनाकर 15 अप्रैल 2026 को यही जमीन 18.20 लाख रुपए में CSP के कथित एजेंट के नाम रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि रमेश लोधी को केवल 15 लाख रुपए का चेक मिला। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जमीन देने के बावजूद उनके बेटे को मामले में राहत नहीं मिली और जमीन की शेष राशि भी नहीं दी गई।
CM हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत
रमेश लोधी ने 18 मई 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38397487 दर्ज कराई थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस घटनाक्रम के दौरान 17 मई को रमेश लोधी और उनके दामाद सतीश लोधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अदालत ने इस मामले में संबंधित थाने से जांच प्रतिवेदन तलब किया है।
एक और ट्रांसपोर्टर की शिकायत भी सामने आई
इसी बीच एक अन्य ट्रांसपोर्टर ज्योति आनंद पटेल की शिकायत भी सामने आई है। उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को IG से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि 11 अप्रैल को उनके 12 चक्का हाईवा को सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद मुरूम परिवहन के दौरान पकड़कर कुठला थाने में खड़ा करा दिया गया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पहले बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे थे। अब उन्हें दोबारा बयान के लिए बुलाया गया है।
दोनों मामलों की जांच ASP अनु बेनीवाल के पास
ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन से कथित अवैध वसूली और हत्या के प्रकरण से जुड़े आरोपों की जांच फिलहाल ASP जबलपुर अनु बेनीवाल कर रही हैं। फिलहाल नेहा पच्चीसिया के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। इन मामलों में अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।






