मंदसौर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नारायणगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बासखेड़ी फंटे पर घेराबंदी कर हरियाणा पासिंग की एक स्कॉर्पियो को रोका। तलाशी के दौरान वाहन के बोनट में छिपाकर रखी गई करीब 1.1 किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा निवासी सुखविंदर और आशीष के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी अफीम की खेप लेकर जा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह अफीम उन्हें नाहरगढ़ निवासी मुकेश से मिली थी। इस जानकारी के आधार पर अब पुलिस सप्लायर और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
बोनट में छिपाकर ले जा रहे थे अफीम
नारायणगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बासखेड़ी फंटे पर चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध स्कॉर्पियो वहां पहुंची, जिसे रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में वाहन में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन जब पुलिस ने बोनट की बारीकी से जांच की तो उसमें छिपाकर रखा गया अफीम का पैकेट बरामद हो गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर मादक पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश करते हैं। कभी गाड़ियों के गुप्त हिस्सों में तो कभी अन्य सामान के बीच छिपाकर नशीले पदार्थ ले जाए जाते हैं। हालांकि लगातार चेकिंग और खुफिया सूचना के कारण ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है। बरामद अफीम की कीमत और उसके संभावित गंतव्य की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब नाहरगढ़ निवासी बताए गए सप्लायर मुकेश की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह तस्करी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या फिर स्थानीय स्तर पर संचालित नेटवर्क का मामला है। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और उनके आने-जाने के रास्तों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
मंदसौर और आसपास का इलाका अफीम उत्पादन के लिए जाना जाता है। इसी वजह से पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियां समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर अवैध तस्करी पर कार्रवाई करती हैं। अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।






