मंदसौर का सीतामऊ रोड स्थित मुक्तिधाम इन दिनों एक ऐसी सनसनीखेज घटना को लेकर चर्चा में है, जिसे सुनकर हर कोई विचलित हो उठा है। क्या किसी को मुक्तिधाम में भी शांति नहीं मिल सकती? यह सवाल मंदसौर के हर निवासी के मन में कौंध रहा है। यहां 14 और 15 जुलाई की दरम्यानी रात को कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने एक जलती हुई चिता पर तांत्रिक क्रियाएं करने का ऐसा दुस्साहस किया है, जिसे देखकर हर कोई सकते में है। यह पूरी खौफनाक करतूत मुक्तिधाम में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर कैद हो गई है। जब से यह घटना सामने आई है, पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और हड़कंप का माहौल बना हुआ है। लोग इस अमानवीय कृत्य को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह विचलित कर देने वाला मामला तब प्रकाश में आया, जब एक पीड़ित परिवार अपने परिजन के अंतिम संस्कार के बाद मुक्तिधाम पहुंचा। परिवार के सदस्यों ने अपने एक प्रियजन को खोया था और सीतामऊ रोड स्थित इसी मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार विधि-विधान से किया था। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, शवदाह के बाद परिवार के सदस्य कुछ समय उपरांत चिता स्थल पर जाते हैं। इसी क्रम में जब वे संस्कार संपन्न होने के कुछ समय बाद फिर से मुक्तिधाम पहुंचे, तो उन्हें चिता स्थल पर कुछ अजीबोगरीब और संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। शव के अवशेषों और चिता के आसपास की स्थिति देखकर उन्हें गहरा अंदेशा हुआ कि रात के अंधेरे में यहां कुछ ऐसा हुआ है, जो सामान्य नहीं था। उन्हें लगा कि किसी ने पवित्र स्थल पर कोई अपवित्र कार्य किया है।
मृतक के परिजनों ने जताई गहरी नाराजगी
स्थानीय लोगों और परिजनों को धीरे-धीरे यह जानकारी मिली कि रात के समय शव के ऊपर कुछ तांत्रिक अनुष्ठान किए गए हैं। इस बात ने उनके शक को और भी पुख्ता कर दिया। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि मुक्तिधाम जैसे पवित्र स्थल पर, जहां लोग अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं, वहां ऐसी अमानवीय और घृणित घटना को अंजाम दिया जा सकता है। परिजनों के मन में अपने मृत परिजन की आत्मा की शांति को लेकर भी गहरी चिंता घर कर गई थी। वे यह सोचकर ही सिहर उठे कि उनके प्रियजन की चिता पर किसी ने तांत्रिक क्रियाएं करने की हिम्मत कैसे की।
CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज, मचा हड़कंप
इस पूरे मामले की तह तक जाने और सच्चाई का पता लगाने के लिए मुक्तिधाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज देखते ही हर कोई स्तब्ध रह गया। कैमरों में साफ तौर पर दिखा कि कैसे कुछ अज्ञात लोग रात के अंधेरे में मुक्तिधाम में दाखिल हुए और जलती हुई चिता के पास पहुंचकर तांत्रिक क्रियाएं करने लगे। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी था। फुटेज ने उस खौफनाक रात की पूरी कहानी बयां कर दी और असामाजिक तत्वों की करतूत को सबके सामने ला दिया। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन के सामने भी अब यह चुनौती है कि इन अज्ञात असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। मंदसौर के नागरिक मांग कर रहे हैं कि इस कृत्य के पीछे की मंशा और इसे अंजाम देने वाले लोगों का खुलासा हो। क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि दोषियों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई हो।
मंदसौर से राकेश धनोतिया की रिपोर्ट





