कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग बोले, UCC हमारा कमिटमेंट, वर्तमान और भविष्य के लिए ये जरूरी, कांग्रेस पर किया पलटवार

सरकार का कहना है कि इस UCC कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। सरकार इसे सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
Vishvas Sarang

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मध्य प्रदेश में आज दिनभर UCC की चर्चा प्रमुखता से सुनाई दी, विधानसभा के मानसून सत्र का आज पहला दिन था, संसदीय कार्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन के पटल पर 14 विधेयकों को रखा, जिसके तुरंत बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने जोरदार आपत्ति दर्ज कराते हुए सदन में हंगामा किया। इन विधेयकों में सबसे प्रमुख समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक था, जिसे एक दिन पहले ही राज्य कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी थी, कांग्रेस ने यूसीसी का विरोध किया और हंगामा किया।

समन नागरिक संहिता यानि यूसीसी (UCC) विधेयक आज सदन में टेबल हुआ यानि पेश हुआ, कल भोपाल के जगदीशपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी मिल गई थी और इसके पेश होने का रास्ता साफ़ हो गया था, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी कहा है कि हम मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करेंगे आज विधानसभा में इस विधेयक के पेश होने से उनकी बात को वजन भी मिल गया, लेकिन कांग्रेस इसके विरोध में हिया और इसे भाजपा का, आरएसएस का चुनावी हथकंडा बता रही है।

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यूसीसी हमारा कमिटमेंट है कल हमने कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी और आज इसे सदन के पटल पर रखा है और हम जल्द से जल्द इसको पारित करेंगे, यूसीसी वर्तमान और भविष्य के लिए जरूरी है।

समानता और एकरूपता के लिए यूसीसी जरूरी है

सारंग ने कहा समानता और एकरूपता के लिए यूसीसी जरूरी है इस देश की महिलाओं के सुनहरे भविष्य और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए  यूसीसी जरूरी है, जो विरोध कर रहे हैं वो महिलाओं के हितों का विरोध कर रहे हैं, महिलाओं के अधिकारों पर कुठाराघात करना चाहते हैं।

कांग्रेस के नेता बचपने की बात क्यों करते हैं?

सारंग ने पूछा क्या मर्दों को चार शादी करनी चाहिए? क्या इस तरह की गलत मानसिकता इस देश में चलनी चाहिए? कांग्रेस की आपत्ति के सवाल पर सारंग ने कहा, कार्य मंत्रणा की बैठक के बाद ही  विधेयक कार्य सूची में आता है, मेरी समझ में ये नहीं आता कांग्रेस के नेता बचपने की बात क्यों करते हैं?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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