भोपाल के बाग सेवनिया निवासी विकास चौधरी को 4 सितंबर को अचानक ब्रेन हैमरेज हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने लगातार इलाज किया। हालत में सुधार नहीं होने पर निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद उन्हें 8 सितंबर को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। वहीं परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय था लेकिन उन्होंने अंगदान का फैसला लेकर चार जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद देने का निर्णय लिया। गुरुवार को अस्पताल में पूरी प्रक्रिया सम्मानपूर्वक पूरी की गई।
दरअसल विकास चौधरी के भाई राजेश चौधरी, बहन वीणा चौधरी, बेटे मासूम चौधरी और भतीजे प्रतीक चौधरी ने अंगदान की सहमति दी। इसके बाद एम्स भोपाल की मेडिकल टीम ने तय प्रोटोकॉल के तहत हार्ट, लिवर और दोनों किडनी सुरक्षित निकाले।
विकास चौधरी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया
अस्पताल प्रशासन ने अंगदान की प्रक्रिया के दौरान विकास चौधरी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। भतीजे प्रतीक चौधरी ने बताया कि परिवार ने यह सोचकर फैसला लिया कि यदि उनके चाचा के अंग किसी जरूरतमंद के काम आ सकते हैं तो इससे बेहतर श्रद्धांजलि कोई नहीं हो सकती। वहीं अंग निकालने के बाद उन्हें तय अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार शुक्रवार को भोपाल में किया जाएगा।
चेन्नई, इंदौर और भोपाल पहुंचे अंग
दरअसल अंगदान के बाद विकास चौधरी का हार्ट चेन्नई भेजा गया, जबकि लिवर इंदौर के अस्पताल के लिए रवाना किया गया। दोनों किडनी भोपाल के अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित भेजी गईं। अस्पताल के अनुसार, अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गईं, ताकि प्रत्यारोपण की प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी हो सके। विकास चौधरी के परिवार ने कहा कि अपने प्रियजन को खोने का दुख हमेशा रहेगा, लेकिन यह संतोष भी है कि उनके अंगों के जरिए चार लोगों को नई जिंदगी का मौका मिलेगा।






