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BJP विधायक रामेश्वर शर्मा बोले, खूब फोड़ें पटाखे, प्रदूषण के नाम पर त्यौहार को रोका नहीं जा सकता, गंदगी को तुरंत साफ़ करें

Written by:Atul Saxena
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उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाएं यानि वोकल फॉर लोकल के लिए आगे बढ़ें, मिट्टी के दीये, बर्तन आदि लोकल प्रजापति समाज के लोगों द्वारा बनाये हुए खरीदें, स्व सहायता समूह से बनाई मोम बत्ती का उपयोग करें।
BJP विधायक रामेश्वर शर्मा बोले, खूब फोड़ें पटाखे, प्रदूषण के नाम पर त्यौहार को रोका नहीं जा सकता, गंदगी को तुरंत साफ़ करें

BJP MLA Rameshwar Sharma burst a lot of firecrackers: दिवाली पर पटाखे फोड़ने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कम पटाखे फोड़ने या फिर बिना पटाखे वाली दिवाली मनाने की अपील के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने खूब पटाखे फोड़ने की अपील की है, उन्होंने मीडिया से कहा कि किसी भी त्यौहार को प्रदूषण के नाम पर मनाने से रोका नहीं जा सकता।

अपनी बात मुखर रूप से रखने वाले प्रखर हिंदूवादी नेता भाजपा नेता रामेश्वर शर्मा के बयान खूब चर्चा में रहते हैं अब उनका एक नया बयान चर्चा में है, उन्होंने कहा है खूब फोड़ें पटाखे ..दरअसल मीडिया ने रामेश्वर शर्मा से दिवाली पर प्रदूषण  का ध्यान रखने के चलते पटाखे नहीं चलाने की अपील पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी थी जिसके जवाब में उन्होंने ये कहा।

सावधानी रखें, जहाँ गंदगी गिरे तुरंत साफ़ करें 

भाजपा विधायक ने कहा कि खूब पटाखे फोड़ें लेकिन सावधानी रखे… जहाँ गंदगी गिरे उसे तुरंत साफ़ करें, त्यौहार के पावन अवसर को प्रदूषण के नाम पर रोका नहीं जा सकता, साथ में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि विदेशी माल ना खरीदें चाइना का कोई भी आईटम ना खरीदें।

स्वदेशी अपनाने, वोकल फॉर लोकल की अपील की 

उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाएं यानि वोकल फॉर लोकल के लिए आगे बढ़ें, मिट्टी के दीये, बर्तन आदि लोकल प्रजापति समाज के लोगों द्वारा बनाये हुए खरीदें, स्व सहायता समूह से बनाई मोम बत्ती का उपयोग करें, सजावट का सामान, झालर सबकुछ स्वदेशी खरीदें और उमंग उत्साह से दिवाली मनाएं, उन्होंने कहा कि इस बार की दिवाली तो विशेष है क्योंकि 500 साल बार हमारे राम फिर से विराजे हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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