भोपाल। नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले 70 दिनों से शाहजहानी पार्क में आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों का आंदोलन अब चरम पर है। इसी क्रम में बुधवार को महिला अतिथि विद्वानों ने अपना मुंडन कराया ।दरअसल इन अतिथि विद्वानों की मांग है कि सरकार उन्हें नियमित करें और आरोप है कि सरकार ऐसा करने की बजाय लोक सेवा आयोग से चयनित किए गए सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति दे रही है जिसे यह लोग गलत बता रहे हैं। छिंदवाड़ा से पैदल मार्च कर 70 दिन पहले शाहजहानी पार्क आए इन अतिथि विद्वानों का सरकार पर खुला आरोप है कि सरकार वचन पत्र का उल्लंघन कर रही है जिसमें साफ कहा गया था कि अतिथि विद्वानों को किसी भी स्थिति में कॉलेजों से नहीं हटाया जाएगा और उन्हें नियमित किया जाएगा। हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी कई बार जाकर धरना स्थल पर इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि सरकार अपने वचन पर अमल करेगी। लेकिन अतिथि विद्वान इस बात पर कायम है कि पहले इसे लागू किया जाए, उसके बाद ही वे धरना स्थल छोड़ेंगे ।अतिथि विद्वानों का यह भी आरोप है कि सरकार की मंशा जरूर उन्हें नियमित करने की थी लेकिन अधिकारी इस में रोड़े अटका रहे हैं और नए नए नियम बताकर उनके नियमितीकरण में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
महिला अतिथि विद्वानों ने कराया मुंडन
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






