भोपाल। मध्यप्रदेश के मंदसौर में जून 2017 में हुए किसान आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसा में 3000 से ज्यादा किसानों के ऊपर दर्ज मामले अब राज्य सरकार वापस लेने जा रही है। इस पूरे मामले में प्रक्रिया बाकायदा शुरू कर दी गई है और पुलिस ने प्राथमिक चरण में 64 ऐसे प्रकरणों को न्यायालय में भेज दिया है जिनमें 457 ज्ञात और 3000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी शामिल है। जून 2017 में किसानों की समस्याओं के लिए आंदोलन के बाद हुए गोलीकांड में 5 किसानों की मौत हो गई थी और पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता से बाहर होने का यह भी एक बहुत बड़ा कारण था। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले वचन पत्र में यह वादा किया था कि वह किसानों पर दर्ज सभी मामले वापस लेगी और यह प्रक्रिया अब वचन पत्र को लागू करने की दिशा में एक और कदम है। कांग्रेस के नेताओं ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि कमलनाथ सरकार एक के बाद एक करके जिस तरह से वचन पूरे कर रही है वह यह बताता है कि अब राज्य में वो सरकार है जो कहती है वह पूरा करती है। वहीं बीजेपी इस पूरे मामले को लेकर अब सकते में है।
मंदसौर के किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






