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सीएम डॉ मोहन यादव ने की गोवर्धन पूजा,गौसेवा एवं गौ आधारित उत्पाद बनाने वाली संस्थाओं को किया सम्मानित

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री ने कहा मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश सरकार गौ-पालन, गौ-संवर्धन के लिए संकल्पित है। हमने गौ-शालाओं के लिए अनुदान को 20 रुपये प्रति गौ-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौ-वंश प्रतिदिन किया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए उन्होंने यहाँ गौसेवा एवं गौ आधारित उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जैविक खेती और स्वावलंबन पर आधारित प्रदर्शनी  को भी देखा।

गोवर्धन पूजा को शासकीय स्तर पर मनाने के निर्देशों के तहत आज भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम रविन्द्र भवन में आयोजित किया गया कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री , विधायक, और बड़ी संख्या में गौपालक, गौसेवक शामिल हुए, इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर जैविक खेती और स्वावलंबन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें मध्य प्रदेश की प्रगति का प्रदर्शन था जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

दूध उत्पादन में भी देश का नंबर-1 राज्य बने ये प्रयास जारी हैं 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए पशुपालन विभाग को बधाई दी, उन्होंने कहा आपके विभाग ने बहुत सी योजनायें बनाई है जिसका लाभ पशुपालक ले रहा है, मुख्यमंत्री बोले गौमाता के लिए जो अभियान सरकार ने चलाया है उसका लाभ ही लाभ है उन्होंने कहा प्राकृतिक खेती में मध्य प्रदेश देश का 1 नंबर राज्य है लेकिन दूध उत्पादन में भी देश का नंबर-1 राज्य बने, अब इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

धन-धान्य, आरोग्यता और सुख-शांति की कामना की

सीएम ने कार्यक्रम के दौरान लोक अनुष्ठान और परंपरा के अनुसार गोवर्धन देव का पूजन-अर्चन कर सबके लिए धन-धान्य, आरोग्यता और सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर डॉ मोहन यादव ने गौसेवा एवं गौ आधारित उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया।

गोवर्धन पूजा फसल कटने और नई फसल की शुरूआत का समय

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परम्पराओं में बेहतर जीवन के कई सूत्र मिले हुए हैं। योग और आयुर्वेद के सिद्धांत इसी के प्रमाण है। सनातन संस्कृति के प्रत्येक त्यौहार में कोई न कोई संदेश निहित है। राज्य सरकार ने ऐसे त्यौहारों को समाज के साथ मिलकर मनाने की पहल की है, जिन त्यौहारों में संस्कार और संदेश निहित हैं। प्रदेश में समाज के साथ परम्परानुसार मिल-जुलकर त्यौहार मनाने का यह दूसरा वर्ष है। गोवर्धन पूजा फसल कटने और नई फसल की शुरूआत का समय है। इस घड़ी को उत्साह और उल्लास के साथ मनाने से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। गोवर्धन पर अन्नकूट का आयोजन भी इसी आनंद का भाग है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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