सागर। विनोद जैन। एक तरफ जहां कोरोना वायरस की महामारी से पूरी दुनियां जूझ रही है और लाक डाउन लगाकर पूरी दुनियां को घरों में कैद कर दिया गया है। जिसके लोगों का आपस में संपर्क टूट जाये और इस बीमारी से छुटकारा मिल जाये लेकिन सागर जिले की सुरखी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार को दोपहर 12 बजे लगभग 16 लोग ऐंसे पहुंचे। जो दूसरे राज्य और जिलों से अपने अपने गांव आये थे और कोरोना के चलते जांच करानी थी लेकिन यहां अस्पताल में कोई डाक्टर और स्टाफ नहीं था। जब प्रभारी मनीष शाक्य से मीडिया ने जानकारी चाही तो उन्होनें बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते मरीजों की जांच अस्पताल में नहीं उनके घर जाकर होगी। टीम उनके घर जाकर जांच करेगी क्योंकि अगर इनमें कोई व्यक्ति कोरोना से पीडित हुआ तो पूरी अस्पताल स्टाफ और अन्य मरीज संक्रिमित हो जायेंगें। लोग जांच करने के लिये टोल फ्री नंबर का उपयोग करें और 14 दिन तक अपने घर में रहें। लेकिन सोचनीय बात है कि किसी को भी टोल फ्री नंबर तक नहीं मालूम था, यहां तक स्टाफ नर्स को भी नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, बिना जांच के ही घर लौटे 16 मजदूर
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






