सागर जिले में बिजली चोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शाहगढ़ क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने बिजली विभाग की 33 केवी लाइन को निशाना बनाते हुए 13 बिजली खंभों को गिरा दिया और उनसे जुड़े तार चोरी कर फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। कई गांवों की बिजली सप्लाई अचानक बंद हो गई, जिसके बाद बिजली विभाग की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि खंभों को प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से गिराया गया था। बिजली विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की वारदात को अंजाम देने के लिए कई लोगों की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि विभाग को किसी संगठित गिरोह के शामिल होने की आशंका है। मामले की शिकायत पुलिस को दे दी गई है और जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई घंटों तक बिजली नहीं आने के बाद जब कारण पता किया गया तो इलाके में टूटे हुए खंभे और गायब तार मिले। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी बिजली चोरी की घटना नहीं देखी। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि इतने बड़े पैमाने पर चोरी होने के बावजूद किसी को भनक तक कैसे नहीं लगी।
बिजली तार चोरी से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
घटना का सबसे बड़ा असर शाहगढ़ और आसपास के गांवों के लोगों पर पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली सप्लाई बंद होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। घरों में पंखे और कूलर बंद हैं, वहीं पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है क्योंकि कई जगह मोटर पंप बिजली पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय अंधेरा होने से सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। छोटे कारोबारी, दुकानदार और किसान भी प्रभावित हुए हैं। कई किसानों की सिंचाई व्यवस्था बिजली पर आधारित है, ऐसे में लंबे समय तक सप्लाई बंद रहने से उनकी फसलों पर असर पड़ सकता है।
बिजली विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त लाइन को पूरी तरह ठीक करने में समय लगेगा। अधिकारियों के अनुसार, नई लाइन बिछाने और खंभे खड़े करने का काम चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्र कई किलोमीटर तक फैला हुआ है।
संगठित गिरोह पर शक, पुलिस जांच में जुटी
जिस तरीके से 13 खंभों को गिराकर भारी मात्रा में तार चोरी किए गए हैं, उसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े ऑपरेशन को बिना तैयारी और संसाधनों के अंजाम देना संभव नहीं है। इससे साफ संकेत मिलता है कि अपराधियों ने पहले से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया होगा।
पुलिस अब आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कबाड़ कारोबारियों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। बिजली विभाग ने उम्मीद जताई है कि अगले चार से पांच दिनों में सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और बिजली नेटवर्क की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।






