रिमझिम बारिश, बादलों से ढकी सतपुड़ा की पहाड़ियां और चारों तरफ फैली हरियाली के बीच रविवार को पचमढ़ी एक बार फिर खेल प्रेमियों से गुलजार हो उठा। 8वीं पचमढ़ी मानसून मैराथन 2026 में 1600 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया और हजारों लोगों ने इस आयोजन का उत्साह बढ़ाया।
इस बार मैराथन सिर्फ प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि फिटनेस, प्रकृति और पर्यटन का उत्सव बन गई। 4 साल के बच्चों से लेकर 84 साल के वरिष्ठ प्रतिभागियों तक ने दौड़ में हिस्सा लेकर यह साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। पचमढ़ी की प्राकृतिक खूबसूरती और ठंडे मौसम ने धावकों को अलग ही अनुभव दिया, जिसकी कई प्रतिभागियों ने खुलकर सराहना की।

पचमढ़ी मानसून मैराथन 2026
पचमढ़ी मानसून मैराथन का यह आठवां संस्करण कई मायनों में खास रहा। भारत के अलग-अलग राज्यों के अलावा स्वीडन, पेरू, मंगोलिया और अमेरिका से आए अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भी इसमें भाग लिया। इससे यह आयोजन अब सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत कर रहा है। प्रतियोगिता को हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोगों के लिए चार अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित किया गया।

42 किलोमीटर की फुल मैराथन सबसे चुनौतीपूर्ण रही, जिसमें पहाड़ी रास्ते, लगातार चढ़ाई और उतराई ने धावकों की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली। वहीं 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन और 5 किलोमीटर फन रन में भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पूरे रूट पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, हाइड्रेशन पॉइंट्स और गाइडेंस सिस्टम की व्यवस्था की गई थी ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव मिल सके। आयोजन में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा सहित कई अधिकारी भी दौड़ का हिस्सा बने, जिससे लोगों का उत्साह और बढ़ गया।
फिट इंडिया और मानसून पर्यटन को मिला नया बढ़ावा
पचमढ़ी मानसून मैराथन अब केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में पर्यटन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का बड़ा मंच बन चुकी है। हाल ही में पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज अवॉर्ड मिलने के बाद इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे आयोजनों से राज्य का प्राकृतिक पर्यटन देश-विदेश के यात्रियों तक पहुंचता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलता है।
प्रतिभागियों ने बताया कि बारिश के मौसम में पचमढ़ी की वादियों के बीच दौड़ना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। प्राकृतिक वातावरण, साफ हवा और व्यवस्थित आयोजन ने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया। विशेषज्ञों का भी मानना है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स और प्रकृति आधारित पर्यटन को साथ लेकर चलने वाले आयोजन युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करते हैं और स्थानीय पर्यटन उद्योग को नई गति देते हैं।






