लुहारी टोल प्लाजा पर शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं और टोल कर्मचारियों के बीच टोल शुल्क को लेकर विवाद हो गया। दरअसल वाहन को बिना टोल शुल्क चुकाए निकालने को लेकर बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। इस दौरान टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैंया और उनके साथ मौजूद लोगों ने मंत्री का नाम लेकर वाहन निकालने की बात कही। हालांकि टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए वाहन को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही।
लुहारी टोल प्लाजा विवाद का वीडियो वायरल
दरअसल घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इस पूरे मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वीडियो में टोल प्लाजा पर बहस और भीड़ दिखाई दे रही है, हालांकि वीडियो के आधार पर सभी दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती है। घटना से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, विवाद कई घंटों तक चलता रहा, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
क्या टोल प्लाजा पर मिलती है नेताओं को छूट?
वहीं फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई है या नहीं। यदि शिकायत दर्ज होती है तो सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। वहीं प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दरअसल राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित टोल प्लाजा निर्धारित नियमों के अनुसार काम करते हैं। केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कुछ विशेष श्रेणी के वाहन और अधिकृत व्यक्तियों को ही टोल शुल्क में छूट मिलती है। अन्य सभी वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होता है।
सुबोध त्रिपाठी की रिपोर्ट






