मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से वंचित महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए पोर्टल को दोबारा खोला जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस बात के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि छूटी हुई महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलना चाहिए, इसके लिए जल्द योजना का पोर्टल खोले जाने की तैयारी है।

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी ने घोषित किया है कि निकट भविष्य में जो लाड़ली बहनें इस योजना से बच गई हैं, उनके नाम भी पोर्टल पर अंकित किए जाएंगे, उसके लिए भी पोर्टल खुलने वाले हैं।अभी समय सीमा तय नहीं है लेकिन आकलन करने के निर्देश मुख्यमंत्री जी ने दिए हैं। उन्होंने महिलाओं की संख्या जुटाने के साथ उनके पंजीयन की प्रक्रिया को भी निर्देशित किया है।

बता दें कि जून 2023 से चलाई जा रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में वर्तमान में 1.25 करोड़ से अधिक राज्य की पात्र महिलाओं (लाड़ली बहनों) को हर महीने 1500 (18000 रु सालाना) की आर्थिक सहायता दी जाती है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को रक्षाबंधन के चलते चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। बुधवार, 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना की 41वीं किस्त के लिए 1834 करोड़ से अधिक की राशि जारी की थी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

योजना की पात्रता

मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो ।विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी योजना की पात्र हैं। महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए। स्वयं का बैंक खाता और बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी होना चाहिए। समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई किया होना चाहिए ।

ये योजना से बाहर

स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो। जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​ जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो। स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/ संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो।