भोपाल के न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के बाद नगर निगम ने बाजार में आग बुझाने की व्यवस्था और रास्तों में हो रहे अतिक्रमण की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। दो दमकलों को पूरे बाजार में घुमाया गया। जहां दुकानों के बाहर रखे सामान और दूसरी रुकावटों के कारण दमकल आगे नहीं बढ़ सकी वहां से सामान हटाकर जब्त किया गया। निगम ने हॉकर्स को भी गुरुवार से स्टेडियम के पास शिफ्ट करने की चेतावनी दी है।
दरअसल मॉकड्रिल दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चली। इस दौरान दो दमकल, दो अतिक्रमण हटाने वाले वाहन और तीन लाइट व्हीकल बाजार में निकाले गए। अधिकारी दमकल के आगे-आगे चलते रहे, ताकि पता चल सके कि किस जगह रास्ता बंद है और वाहन को आगे बढ़ने में क्या परेशानी हो रही है। नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता, फायर ऑफिसर सौरभ पटेल और अतिक्रमण प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन का जोर बाजार के रास्ते खाली कराने और आग लगने की स्थिति में दमकल को जल्द से जल्द घटनास्थल तक पहुंचाने पर रहा।
पीली लाइन के आगे सामान रखा तो होगी जब्ती
वहीं नगर निगम ने हॉकर्स को गुरुवार से टीटी नगर स्टेडियम के पास बने हाट बाजार में शिफ्ट करने के लिए कहा है। बुधवार को दिनभर बाजार में एनाउंसमेंट कराकर इसकी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने साफ किया कि तय जगह पर नहीं जाने वाले हॉकर्स के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर कारोबार करने वालों को शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके साथ ही दुकानों के सामने बनी पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी शुरू कर दी गई है।
दरअसल दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाइन के बाहर सामान न रखें। नियम का पालन नहीं होने पर सामान जब्त किया जाएगा। मॉकड्रिल के दौरान यह भी देखा गया कि दुकानों के बाहर रखा सामान दमकल की आवाजाही में रुकावट बन रहा था। बाजार में रास्ते खुले रखना इसलिए जरूरी है, ताकि आग लगने पर दमकल बिना देर किए प्रभावित दुकान तक पहुंच सके। 8 अक्टूबर को बालाजी छोटे भटूरे की दुकान में लगी आग ने आसपास की पांच बड़ी दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को चपेट में ले लिया था। इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी।
भोपाल के बाजारों में फायर सेफ्टी पर सवाल
दरअसल भोपाल के पुराने बाजारों में आग बुझाने के इंतजामों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने 22 लाख रुपये का अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। लेकिन जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान यह सिस्टम काम नहीं आया। सामने आई जानकारी के मुताबिक सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और नियमित मेंटेनेंस नहीं होने की बात कही गई थी।






