सीएमएचओऑफिस भोपाल (CMHO Bhopal) पर एनएसयूआई ने NRI नर्सिंग क्प्लेज और अस्पताल की फर्जी भौतिक सत्यापन रिपोअर्ट बनाने के गंभीर आरोप लगाये हैं, एनएसयूआई ने पिछले दिनों राज्य साइबर सेल में इस मामले की शिकायत की थी जिसपर राज्य साइबर पुलिस ने संज्ञान लिया है और जाँच का जिम्मा डीसीपी क्राइम को दिए हैं।
राजधानी भोपाल में फर्जी अस्पतालों एवं अवैध नर्सिंग कॉलेजों के संचालन का गंभीर मामला एक बार फिर सामने आया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने सीएमएचओ कार्यालय, भोपाल के अधिकारियों द्वारा फर्जी एवं कूटरचित भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर शासन-प्रशासन को गुमराह करने के मामले में पुलिस उपायुक्त (क्राइम), भोपाल को जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
NRI नर्सिंग कॉलेज और अरनव अस्पताल से जुड़ा है मामला
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, भोपाल एवं उससे संबद्ध अरनव अस्पताल की वैधता को लेकर एनएसयूआई ने शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत पर मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार द्वारा सीएमएचओ भोपाल को निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन मय दस्तावेजों सहित काउंसिल कार्यालय में प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
बिना निरीक्षण फर्जी एवं कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार बनाने के आरोप
इसके बाद सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक सेन को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी लेकिन दोनों अधिकारियों द्वारा मौके पर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किए बिना फर्जी एवं कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की गई, जिससे शासन एवं नर्सिंग काउंसिल को गुमराह करने का प्रयास किया गया। एनएसयूआई ने इस फर्जीवाड़े से जुड़े ठोस साक्ष्यों पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए हैं ।
CMHO पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप
परमार ने कहा कि एनएसयूआई की शिकायत के बाद 12 दिसंबर 2025 को सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा द्वारा दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर दर्शाता है कि सीएमएचओ स्तर से भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे फर्जी अस्पतालों एवं अवैध नर्सिंग कॉलेजों को खुला संरक्षण मिल रहा है।
NSUI ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के घेराव की दी चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, उससे संबद्ध अस्पताल एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो एनएसयूआई प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज करेगी और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास का घेराव किया जाएगा। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा भ्रष्टाचार के विरुद्ध एनएसयूआई की लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों को जेल तक पहुंचाया जाएगा ।





