भोपाल में आज कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर पर लगी रोक के खिलाफ व्यापारियों ने जिला प्रशासन के सामने सीधी आपत्ति दर्ज कराई। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और केटरिंग सेक्टर के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि सप्लाई पूरी तरह रुकना कारोबार के लिए झटका नहीं, संकट बन चुका है।

मुद्दा सिर्फ दुकानों की बिक्री का नहीं है। शहर में हजारों छोटे प्रतिष्ठान रोज़ इसी गैस पर खाना बनाकर काम चलाते हैं, और बड़ी संख्या में मजदूर, कामगार, छात्र व दूसरे नागरिक इन्हीं जगहों पर अपने दैनिक भोजन के लिए निर्भर रहते हैं। सप्लाई बाधित होने का असर रसोई से शुरू होकर सीधे रोज़मर्रा की जिंदगी तक पहुंच रहा है।

शादी-समारोह के मौसम में सबसे ज्यादा दबाव

CAT भोपाल के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने ज्ञापन के दौरान कहा कि इस समय विवाह समारोह और सामाजिक आयोजनों का सीजन चल रहा है, इसलिए केटरिंग सेवाओं में कॉमर्शियल सिलेंडरों की मांग सामान्य दिनों से ज्यादा होती है। ऐसे वक्त में ऑर्डर पर रोक लगने से बुकिंग लेने वाले कारोबारी फंसे हुए हैं। कार्यक्रम तय हैं, तारीखें तय हैं, लेकिन ईंधन की उपलब्धता अनिश्चित है।

व्यापारियों का कहना है कि इस रुकावट से दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, दूसरी तरफ आयोजकों और आम लोगों को समारोहों के संचालन में असुविधा उठानी पड़ रही है। छोटे होटल और ढाबे, जिनकी नकदी व्यवस्था रोज की कमाई पर टिकी होती है, उनके लिए लगातार सप्लाई रुकना सबसे बड़ा जोखिम बनता जा रहा है।

पूर्ण प्रतिबंध नहीं, तय कोटा देकर राहत की मांग

ज्ञापन में व्यापारियों ने प्रशासन से स्पष्ट आग्रह किया कि अगर किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण से ऑर्डर तुरंत पूरी तरह बहाल करना संभव नहीं है, तो भी पूर्ण रोक के बजाय सीमित या निर्धारित मात्रा में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। उनका तर्क है कि न्यूनतम सप्लाई मिलती रहे तो प्रतिष्ठान कम स्तर पर सही, लेकिन चालू रह सकते हैं। पूरी अनुपलब्धता की स्थिति में होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट और केटरिंग का बड़ा हिस्सा ठप पड़ सकता है।

प्रतिनिधिमंडल में होटल इंडस्ट्री से तेजकुल पाल सिंह पाली (पूर्व चैम्बर अध्यक्ष), मुरली हरवानी (मनोहर डेयरी), धर्मेंद्र शर्मा (जिला अध्यक्ष, CAT भोपाल), पंकज गागर स्वीट, संजय अग्रवाल ब्रजवासी स्वीट, आशीष छप्पन भोग और मोहन घंटा वाला स्वीट समेत अन्य कारोबारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने इसे किसी एक संस्थान का नहीं, पूरे व्यापारी वर्ग का साझा मुद्दा बताया।

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए जाएं और कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई जल्द सुचारु कराई जाए। अगर तत्काल बहाली नहीं हो सकती, तो न्यूनतम आवश्यक मात्रा का अंतरिम प्रावधान लागू किया जाए, ताकि कारोबारी, कामगार और आम उपभोक्ता एक साथ राहत पा सकें। फिलहाल व्यापारिक संगठनों की प्राथमिक मांग यही है कि सप्लाई व्यवस्था पर तुरंत निर्णय लिया जाए।