रविवार को कांग्रेस इंदौर में पैदल मार्च निकालने जा रही है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई त्रासदी को लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग के साथ ये मार्च निकाला जाएगा। कांग्रेस मांग कर रही है कि मामले की न्यायिक जांच हो, इंदौर महापौर को हटाया जाए और पीड़ितों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए।
भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर में जहरीले पानी से 20 लोगों की मौत और हजारों लोगों का बीमार होना भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही और प्रशासन की गंभीर विफलता का परिणाम है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, शहर जिला और प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज ने भी अपनी बात रखी।
कांग्रेस रविवार को इंदौर में करेगी पैदल मार्च
मध्यप्रदेश कांग्रेस 11 जनवरी को सुबह 11 बजे इंदौर में प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च आयोजित करने जा रही है। यह मार्च बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित माँ अहिल्याबाई होल्कर प्रतिमा स्थल तक निकाला जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने बताया कि इंदौर महापौर को हटाने और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग के साथ ये मार्च निकाला जाएगा। इसी के साथ कांग्रेस पूरे मामले की न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग भी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस का सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
पीसी शर्मा ने मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 60:40 के अनुपात में खर्च का नया प्रावधान गरीब मजदूरों के अधिकारों पर हमला है और इससे राज्य पर हर साल अतिरिक्त 5,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 90.5 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों की e-KYC लंबित है, जो किसी भी संवेदनशील नीति की असफलता को दर्शाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार को यह निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए और कांग्रेस मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को जारी रखेगी।
राहुल राज ने बीजेपी पर लगाया मज़दूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर ‘जी राम जी’ अधिनियम को लागू करना गरीबों के काम के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि इस योजना के मुख्य शिल्पकार केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं जो इस तरह की मज़दूर विरोधी नीतियां लागू करना चाहते हैं। राहुल राज ने आरोप लगाया कि नया कानून महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने का अपमान करता है और मजदूरों को सस्ते श्रम और पलायन की ओर धकेलने वाली साजिश है।





