कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोनम वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत का मुकदमा चलाने पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वो और पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। इससे पहले राहुल गांधी भी सोनम वांगचुक के समर्थन में ट्वीट कर चुके हैं और उनकी गिरफ्तारी पर विरोध जताया है।
लद्दाख के प्रमुख क्लाइमेट एक्टिविस्ट और रेचन मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। वे लंबे समय से लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं।
NSA के तहत हुई सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी
लद्दाख में 24 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक लोग घायल हुए है। साथ ही सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने आरोप लगाया कि वांगचुक के भड़काऊ भाषणों ने प्रदर्शनकारियों को उग्र कर दिया जिससे हिंसा फैल गई। सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया और अभी वो जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
दिग्विजय सिंह ने किया गिरफ्तारी का विरोध
अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी उनके समर्थन में सामने आ गए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि “सोनम वांगचुक जी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकद्दमा चलाना घोर आपत्ति जनक हैँ हम इसकी भर्त्सना करते हैँ। पूरी कांग्रेस पार्टी सोनम वांगचुक जी के साथ खड़ी है।” बता दें कि सोनम वांगचुक कई वर्षों से वे लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत वहां की जनजातियों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने की मांग उठा रहे हैं। 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले के बाद यह आंदोलन और तेज हो गया।
9 सितंबर से वांगचुक ने लेह में 15 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की जिसमें उन्होंने नेपाल के युवा आंदोलनों और अरब स्प्रिंग जैसे ऐतिहासिक उदाहरणों का जिक्र किया। उनका उद्देश्य लद्दाख की मांगों को राष्ट्रीय पटल पर लाना था। लेकिन 24 सितंबर को बंद के दौरान युवा प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्होंने बीजेपी कार्यालय और पुलिस वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद हिंसा भड़क गई जिसमें जानमाल का नुकसान भी हुआ। इसके बाद 26 सितंबर को उन्हें एनएसए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। अब कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है।






